एशियन गेम्स में भारत का कमाल, तीरंदाजी में गोल्ड के साथ 2028 ओलंपिक का टिकट पक्का

भारतीय तीरंदाज चिकिता तनीपार्थी और साहिल जाधव ने एशियन गेम्स 2026 के कंपाउंड मिश्रित टीम स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीत लिया। इस जीत के साथ भारतीय जोड़ी ने 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक के लिए भी क्वालिफाई कर लिया है। मिश्रित टीम तीरंदाजी स्पर्धा के ओलंपिक में शामिल होने के बाद भारत इस स्पर्धा के लिए क्वालिफाई करने वाली पहली टीम बन गई है।
विश्व रिकॉर्ड बनाने वाली दक्षिण कोरियाई जोड़ी से मुकाबला
फाइनल में भारतीय जोड़ी का सामना दक्षिण कोरिया की उस जोड़ी से हुआ, जिसने 27 सितंबर को इसी एशियन गेम्स में 160 में से 160 अंक हासिल कर विश्व रिकॉर्ड बनाया था। कड़े मुकाबले में चिकिता और साहिल ने दबाव के बीच शानदार प्रदर्शन किया और मुकाबले को शूटआउट तक पहुंचाया।
शूटआउट में भारत ने मारी बाजी
फाइनल का फैसला शूटआउट से हुआ। भारत के चिकिता और साहिल ने अपने-अपने प्रयास में 10-10 अंक हासिल किए। वहीं दक्षिण कोरिया के तीरंदाजों ने 10 और 9 अंक जुटाए। इस प्रदर्शन के साथ भारतीय जोड़ी ने स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया।
चिकिता का एशियन गेम्स में दूसरा गोल्ड
इस जीत के साथ भारत ने एशियन गेम्स 2026 में तीरंदाजी का दूसरा स्वर्ण पदक हासिल किया है। चिकिता तनीपार्थी के लिए भी यह प्रतियोगिता का दूसरा गोल्ड मेडल है। इससे पहले उन्होंने ज्योति और प्रिथिका के साथ महिला कंपाउंड टीम स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता था।
मिश्रित कंपाउंड टीम स्पर्धा में भारत को स्वर्ण, दक्षिण कोरिया को रजत और चीन को कांस्य पदक मिला।



