छत्तीसगढ़ में शिक्षा का नया दौर, सरकारी कॉलेज बनेगा सेंटर ऑफ एक्सीलेंस
दुर्ग की बेटियों को मिलेंगी स्मार्ट लैब और ई-लाइब्रेरी

दुर्ग। छत्तीसगढ़ में उच्च शिक्षा को आधुनिक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। इसी कड़ी में दुर्ग का शासकीय कन्या महाविद्यालय जल्द ही नई सुविधाओं से लैस होने जा रहा है। राज्य सरकार ने इस कॉलेज(College) को “सेंटर ऑफ एक्सीलेंस” के रूप में विकसित करने की योजना बनाई है, जिसके तहत शिक्षा, तकनीक और कौशल विकास से जुड़ी कई नई सुविधाएं छात्राओं को मिलेंगी।
जानकारी के मुताबिक, कॉलेज(College) के विकास के लिए करीब तीन करोड़ रुपये की राशि प्रस्तावित की गई है। उच्च शिक्षा विभाग द्वारा मांगे गए प्रस्ताव के अनुसार महाविद्यालय प्रशासन ने अपनी आवश्यकताएं शासन को भेज दी हैं। स्वीकृति मिलने के बाद आगामी शैक्षणिक सत्र से विकास कार्य शुरू होने की संभावना जताई जा रही है।
योजना के तहत कॉलेज(College) में आधुनिक कंप्यूटर लैब स्थापित की जाएंगी और विज्ञान विषयों की प्रयोगशालाओं को नए उपकरणों से सुसज्जित किया जाएगा। इससे छात्राओं को केवल किताबों तक सीमित रहने के बजाय प्रैक्टिकल शिक्षा का बेहतर अवसर मिलेगा।
कॉलेज के क्लासरूम भी पूरी तरह स्मार्ट बनाए जाएंगे। डिजिटल स्क्रीन, प्रोजेक्टर और अन्य आधुनिक शिक्षण उपकरणों की मदद से पढ़ाई को अधिक इंटरैक्टिव और तकनीक आधारित बनाया जाएगा। इसके अलावा डिजिटल लर्निंग सेंटर और ई-लाइब्रेरी की सुविधा भी विकसित की जाएगी, जहां छात्राएं ऑनलाइन अध्ययन सामग्री, ई-बुक्स और शोध से जुड़े संसाधनों तक आसानी से पहुंच सकेंगी।
छात्राओं को डिजिटल युग के अनुरूप तैयार करने के लिए हाई-स्पीड इंटरनेट सुविधा उपलब्ध कराने की भी योजना है। साथ ही कंप्यूटर, आईटी और अन्य डिजिटल स्किल्स से जुड़े प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे। करियर काउंसिलिंग, प्लेसमेंट मार्गदर्शन और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए विशेष सहायता भी प्रदान की जाएगी।
इसके अलावा कॉलेज परिसर में खेल सुविधाओं के विस्तार का प्रस्ताव भी भेजा गया है, ताकि छात्राओं को शिक्षा के साथ-साथ खेल और अन्य गतिविधियों में भी बेहतर अवसर मिल सकें।
अगर योजना को जल्द मंजूरी मिलती है, तो दुर्ग का यह सरकारी कॉलेज प्रदेश के उन चुनिंदा संस्थानों में शामिल हो सकता है जहां छात्राओं को आधुनिक शिक्षा और तकनीकी संसाधनों का लाभ एक ही परिसर में मिलेगा।

