टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में दिल्ली-पंजाब मॉड्यूल पर शक, मुंबई पुलिस खंगाल रही हमले की पूरी साजिश
मुंबई के जुहू इलाके में अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई फायरिंग के मामले में पुलिस की जांच तेज हो गई है। इस घटना में लॉरेंस बिश्नोई गैंग के कथित सदस्यों अनिल पंडित और हरमन सिंधू की भूमिका की जांच की जा रही है। दोनों की ओर से हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा सामने आया है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है। पुलिस को आशंका है कि इस वारदात में गैंग के दिल्ली और पंजाब मॉड्यूल का इस्तेमाल किया गया हो सकता है। मुंबई क्राइम ब्रांच अब हमलावरों के नेटवर्क, स्थानीय संपर्कों और उन्हें मदद पहुंचाने वालों की जानकारी जुटा रही है।
पुणे मॉड्यूल के बजाय दिल्ली-पंजाब नेटवर्क पर जांच
पुलिस इस बात की पड़ताल कर रही है कि यदि हमले के पीछे बिश्नोई गैंग का हाथ है, तो वारदात को अंजाम देने के लिए महाराष्ट्र के पुणे मॉड्यूल के बजाय दिल्ली और पंजाब के नेटवर्क का इस्तेमाल क्यों किया गया। इससे पहले मुंबई में हुई कुछ फायरिंग और धमकी की घटनाओं में शुभम लोंकर के कथित मॉड्यूल का नाम सामने आया था।
टाइगर श्रॉफ मामले में अनिल पंडित और हरमन सिंधू के नाम सामने आने के बाद जांच एजेंसियां उनके कथित संपर्कों और अमोल बिश्नोई से संबंधों की भी पड़ताल कर रही हैं। हालांकि, हमले में इन लोगों की वास्तविक भूमिका और जिम्मेदारी लेने के दावों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
पुलिस के सामने सात अहम सवाल
जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि हमलावर पहले से प्रशिक्षित शूटर थे या नहीं और वे वारदात से कितने दिन पहले मुंबई पहुंचे थे। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपियों ने नेहरू नगर या सांताक्रूज इलाके में कोई मकान किराए पर लिया था या नहीं।
इसके अलावा, हमलावरों को हथियार, मोटरसाइकिल और आर्थिक मदद किसने उपलब्ध कराई, वारदात के लिए स्थानीय स्तर पर किसने सहायता की और मुंबई में उनका संपर्क कौन था, इन सवालों के जवाब तलाशे जा रहे हैं। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपियों को किसी स्थानीय नेटवर्क या स्लीपर सेल से मदद मिली थी या नहीं।
हथियारों और मददगारों की तलाश में क्राइम ब्रांच
मुंबई क्राइम ब्रांच फायरिंग में इस्तेमाल किए गए हथियार की प्रकृति का पता लगा रही है। जांच में यह भी शामिल है कि मोटरसाइकिल की व्यवस्था किसने की और हमलावरों को पनाह देने या दूसरी तरह की सहायता करने वाले लोग कौन हैं।
इसके साथ ही विदेश में मौजूद बताए जा रहे शुभम लोंकर और जीशान अख्तर की संभावित भूमिका की भी जांच की जा रही है। पुलिस हमलावरों की आवाजाही, उनके संपर्कों और घटना के पीछे की संभावित वजह का पता लगाने में जुटी है। फिलहाल, दिल्ली-पंजाब मॉड्यूल की भूमिका और कथित साजिश से जुड़े सभी दावों की पुष्टि जांच पूरी होने और आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही हो पाएगी।



