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बिलासपुर में ‘ED अधिकारी’ बनकर ठगी,

रेलवे में नौकरी दिलाने का झांसा देकर दंपती ने हड़पे 3.14 लाख रुपये

बिलासपुर-छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। आरोप है कि एक व्यक्ति ने खुद को प्रवर्तन निदेशालय (ED) का अधिकारी बताकर पहले पीड़ित का विश्वास जीता और फिर रेलवे में नौकरी लगवाने का झांसा देकर 3 लाख 14 हजार 600 रुपये ऐंठ लिए। जब लंबे समय तक नौकरी नहीं मिली तो आरोपी ने पैसे लौटाने के बजाय नगर निगम की दुकान दिलाने का नया लालच दिया। आखिरकार पीड़ित ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद आरोपी दंपती के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

खुद को ED अधिकारी बताकर जीता भरोसा

जानकारी के मुताबिक, पीड़ित विष्णु नारायण महतो की मुलाकात वर्ष 2021 में राहुल मिश्रा उर्फ राहुल भारद्वाज से हुई थी। राहुल ने खुद को प्रवर्तन निदेशालय (ED) का अधिकारी बताते हुए रेलवे विभाग में अच्छी पकड़ होने का दावा किया। उसने भरोसा दिलाया कि उसके प्रभाव से सरकारी नौकरी आसानी से लग सकती है।

आरोपी की बातों पर विश्वास करते हुए पीड़ित ने अलग-अलग किस्तों में कुल 3 लाख 14 हजार 600 रुपये उसे सौंप दिए। आरोपी लगातार यह कहता रहा कि नियुक्ति प्रक्रिया चल रही है और जल्द ही रेलवे में नियुक्ति पत्र मिल जाएगा।

नौकरी नहीं मिली तो दुकान दिलाने का दिया प्रस्ताव

समय बीतता गया, लेकिन रेलवे में नौकरी नहीं लगी। जब पीड़ित ने अपने पैसे वापस मांगे तो आरोपी ने रकम लौटाने के बजाय नया प्रस्ताव सामने रखा। उसने नगर निगम के पुराने बस स्टैंड क्षेत्र में दुकान आवंटित कराने का भरोसा दिलाया और कहा कि यदि नौकरी नहीं लगती है तो दुकान दिला दी जाएगी।

हालांकि, न तो रेलवे में नौकरी मिली और न ही नगर निगम की दुकान। इसके बाद पीड़ित को एहसास हुआ कि उसके साथ धोखाधड़ी की गई है।

शिकायत के बाद पुलिस ने दर्ज की FIR

पीड़ित ने पूरे मामले की शिकायत बिलासपुर पुलिस से की। शिकायत की प्रारंभिक जांच के बाद पुलिस ने राहुल मिश्रा उर्फ राहुल भारद्वाज और उसकी पत्नी पूनम के खिलाफ धोखाधड़ी सहित अन्य संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है।

पुलिस अब मामले से जुड़े सभी दस्तावेज, बैंक लेन-देन और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर आगे और भी धाराएं जोड़ी जा सकती हैं।

अन्य लोगों से भी ठगी की आशंका

प्रारंभिक जांच में यह संभावना भी सामने आई है कि आरोपी दंपती ने रेलवे में नौकरी और नगर निगम में दुकान दिलाने के नाम पर अन्य लोगों से भी बड़ी रकम वसूली हो सकती है। पुलिस इस एंगल पर भी जांच कर रही है और ऐसे संभावित पीड़ितों की तलाश की जा रही है।

यदि जांच के दौरान अन्य शिकायतकर्ता सामने आते हैं तो मामले का दायरा और बढ़ सकता है।

पुलिस ने लोगों से की अपील

पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर किसी भी व्यक्ति के झांसे में न आएं। किसी भी व्यक्ति द्वारा प्रभाव या पहचान का दावा करने पर पहले उसकी पूरी तरह से जांच-पड़ताल करें। बिना किसी आधिकारिक प्रक्रिया के नौकरी दिलाने के नाम पर पैसे मांगने वालों से सतर्क रहें और ऐसे मामलों की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।

विशेषज्ञों का भी मानना है कि सरकारी नौकरियों की भर्ती पूरी तरह पारदर्शी प्रक्रिया के तहत होती है। इसलिए किसी व्यक्ति द्वारा पैसे लेकर नौकरी दिलाने का दावा करना संदेहास्पद हो सकता है। समय रहते सतर्कता बरतने से ऐसी ठगी से बचा जा सकता है।

 

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