कांग्रेस के प्रशिक्षण शिविर पर डिप्टी सीएम का तंज, बोले- सबसे पुरानी पार्टी को भी ट्रेनिंग की जरूरत
कांग्रेस की हालत पर जनता को तरस भी नहीं’, अरुण साव का तीखा हमला

रायपुर | छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कांग्रेस के प्रशिक्षण शिविर को लेकर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सीखने की कोई उम्र नहीं होती, लेकिन जिनमें सीखने और खुद को बदलने की इच्छा खत्म हो जाती है, जनता उन्हें सत्ता से बाहर कर विपक्ष में बैठा देती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस खुद अपने जिला अध्यक्षों के लिए प्रशिक्षण शिविर आयोजित कर रही है, ऐसे में दूसरे दलों के कार्यक्रमों पर सवाल उठाना दोहरे मापदंड को दर्शाता है।
सुग्घर छत्तीसगढ़ अभियान का आगाज, हर पात्र तक पहुंचेगी सरकारी योजनाओं की सौ फीसदी पहुंच : अरुण साव
रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय में पत्रकारों से चर्चा के दौरान अरुण साव ने राज्य सरकार के “सुग्घर छत्तीसगढ़ अभियान” की जानकारी भी दी। डिप्टी सीएम (Deputy CM) कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की कई जनकल्याणकारी योजनाएं ऐसी हैं, जिनका लाभ जानकारी के अभाव या अन्य कारणों से कई पात्र लोगों तक नहीं पहुंच पाता। इसी समस्या को दूर करने के लिए यह अभियान शुरू किया गया है, ताकि कोई भी पात्र हितग्राही योजनाओं से वंचित न रहे।
4-5 जुलाई को रायपुर में होगा मंत्रियों का चिंतन शिविर, विशेषज्ञ देंगे मार्गदर्शन
डिप्टी सीएम (Deputy CM) ने बताया कि सरकार का लक्ष्य सभी योजनाओं का लाभ सौ फीसदी पात्र लोगों तक पहुंचाना है। इसके लिए विभिन्न विभागों के समन्वय के साथ विशेष प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों से मंत्रियों के लिए चिंतन शिविर आयोजित किए जा रहे हैं, जहां विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ नीति निर्माण, योजनाओं के क्रियान्वयन और प्रशासनिक सुधारों पर मार्गदर्शन देते हैं। इसी कड़ी में 4 और 5 जुलाई को रायपुर में एक और चिंतन शिविर प्रस्तावित है।
कांग्रेस द्वारा सरकार के प्रशिक्षण और चिंतन शिविरों पर उठाए जा रहे सवालों पर प्रतिक्रिया देते हुए डिप्टी सीएम (Deputy CM) अरुण साव ने कहा कि लगातार सीखते रहना और नए अनुभवों को अपनाना ही बेहतर प्रशासन और जनसेवा की कुंजी है। उन्होंने कहा कि जो लोग सीखने की प्रक्रिया को महत्व नहीं देते, वे आगे बढ़ने की क्षमता खो देते हैं।
उपमुख्यमंत्री ने विश्व योग दिवस का जिक्र करते हुए कहा कि 21 जून को प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में सामूहिक योग कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि योग की वैश्विक स्वीकार्यता भारत की सांस्कृतिक शक्ति और प्रभाव का प्रतीक है। राज्यपाल, मुख्यमंत्री, मंत्री, सांसद और विधायक अलग-अलग जिलों में लोगों के साथ योग कार्यक्रमों में शामिल होंगे।

