Chhattisgarh

ड्रग्स सिंडिकेट की मनी ट्रेल की जांच तेज, ईडी को सौंपे गए केस के अहम दस्तावेज

रायपुर के चर्चित ड्रग्स मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने जांच की प्रक्रिया तेज कर दी है। मामले की जांच कर रही पुलिस ने ईडी को केस से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज उपलब्ध करा दिए हैं। अब एजेंसी ड्रग्स कारोबार से जुड़े पैसों के लेनदेन, मनी ट्रेल और इस नेटवर्क को आर्थिक संरक्षण देने वाले लोगों की भूमिका की जांच करेगी।

जानकारी के अनुसार, ईडी ने पुलिस से एफआईआर, केस डायरी, जब्ती पंचनामा, आरोपियों के बयान और अन्य महत्वपूर्ण रिकॉर्ड मांगे थे। पुलिस ने सभी आवश्यक दस्तावेज एजेंसी को सौंप दिए हैं। माना जा रहा है कि इन दस्तावेजों के अध्ययन के बाद ईडी जल्द ही मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर सकती है।

जांच एजेंसी का मुख्य फोकस केवल ड्रग्स की सप्लाई चेन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह भी पता लगाया जाएगा कि अवैध कारोबार से अर्जित रकम कहां निवेश की गई और किन लोगों ने इस नेटवर्क को वित्तीय सहायता या संरक्षण प्रदान किया। इसके लिए बैंक खातों, संपत्तियों, वित्तीय लेनदेन और संदिग्ध निवेश की गहन जांच की जाएगी। यदि मनी लॉन्ड्रिंग के पर्याप्त साक्ष्य मिलते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत कार्रवाई की जा सकती है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच में ईडी को पूरा सहयोग दिया जा रहा है और एजेंसी द्वारा मांगी गई हर जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ इस मामले में कई नए नाम भी सामने आ सकते हैं।

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि मुख्य आरोपी नाव्या मलिक का संपर्क केवल कथित ड्रग्स तस्करों तक सीमित नहीं था, बल्कि वह शहर के कुछ कारोबारियों और इवेंट आयोजकों के भी संपर्क में थी। पुलिस द्वारा तैयार की गई चार्जशीट के अनुसार, इवेंट और टेक्नो पार्टियों की आड़ में ड्रग्स की सप्लाई की जाती थी। इन पार्टियों का आयोजन शहर के विभिन्न होटल, पब और रिसॉर्ट में किया जाता था।

जांच में यह भी सामने आया है कि ड्रग्स का नेटवर्क व्हाट्सऐप के माध्यम से संचालित किया जाता था। शुरुआत में व्हाट्सऐप ग्रुप के जरिए ग्राहकों तक पहुंच बनाई जाती थी, जबकि बाद में केवल परिचित ग्राहकों को एडवांस भुगतान के आधार पर होटल, पब, बार और आफ्टर पार्टी में नशीले पदार्थों की आपूर्ति की जाती थी। पुलिस और ईडी अब इस पूरे नेटवर्क के आर्थिक और आपराधिक पहलुओं की विस्तृत जांच में जुटी हैं।

Follow Us on Our Social Media

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button