ChhattisgarhRaipur

नकटी बुलडोजर विवाद में कूदी AAP, पुनर्वास को लेकर सरकार को घेरा

करीब 35 एकड़ क्षेत्र में हुई कार्रवाई पर उठे सवाल

रायपुर। जिले के नकटी-सम्मानपुर क्षेत्र में हाल ही में हुई बुलडोजर कार्रवाई को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं लगातार सामने आ रही हैं। इसी क्रम में आम आदमी पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल ने प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर स्थानीय लोगों से मुलाकात की और कार्रवाई की प्रक्रिया तथा पुनर्वास(Rehabilitation) व्यवस्था पर सवाल उठाए।

महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों के बेघर होने का दावा

पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने दावा किया कि कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में परिवार प्रभावित हुए हैं। प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण करने के बाद कहा कि कई परिवारों के घर ध्वस्त होने से महिलाएं, बच्चे और बुजुर्गों को कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ प्रभावित परिवारों को कार्रवाई से पहले पर्याप्त सूचना नहीं मिली थी। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

पुनर्वास और मुआवजा नीति पर सरकार को घेरा

प्रतिनिधिमंडल के अनुसार, कार्रवाई लगभग 35 एकड़ क्षेत्र में की गई, जिसमें बड़ी संख्या में मकान प्रभावित हुए। स्थानीय लोगों ने प्रतिनिधिमंडल के समक्ष अपनी समस्याएं और पुनर्वास(Rehabilitation) से जुड़ी चिंताएं भी रखीं।आम आदमी पार्टी ने कहा कि यदि किसी सरकारी परियोजना के लिए भूमि की आवश्यकता थी, तो प्रभावित परिवारों के लिए पहले पुनर्वास, वैकल्पिक व्यवस्था और मुआवजे की प्रक्रिया सुनिश्चित की जानी चाहिए थी। पार्टी ने यह भी सवाल उठाया कि जिन परिवारों को पूर्व में विभिन्न सरकारी सुविधाओं का लाभ मिलता रहा, उन्हें अचानक विस्थापन की स्थिति का सामना क्यों करना पड़ा।

प्रत्येक परिवार को 5000 वर्गफुट जमीन देने की मांग

पार्टी नेताओं ने प्रशासन के उस दावे पर भी सवाल उठाए, जिसमें प्रभावित परिवारों को वैकल्पिक आवास उपलब्ध कराने की बात कही गई है। उनका आरोप है कि सभी प्रभावित परिवारों को अब तक पुनर्वास(Rehabilitation) का लाभ नहीं मिल पाया है।इस दौरान आम आदमी पार्टी ने प्रभावित परिवारों के लिए उचित मुआवजा, स्थायी पुनर्वास और वैकल्पिक आवासीय व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की। पार्टी ने कहा कि वह इस मुद्दे को आगे भी उठाती रहेगी।उधर, प्रशासन की ओर से इस मामले में पहले ही पुनर्वास और वैकल्पिक व्यवस्था किए जाने का दावा किया जा चुका है। मामले को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चर्चा जारी है।

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