Chhattisgarh

जुलाई से प्रदेश में लागू होंगी बिजली की नई दरें

76 लाख उपभोक्ताओं को देना होगा बढ़ा हुआ बिजली बिल

रायपुर। छत्तीसगढ़ में जुलाई महीने की शुरुआत के साथ ही बिजली(Electricity) उपभोक्ताओं के लिए कई बड़े बदलाव लागू होने जा रहे हैं। राज्य विद्युत नियामक आयोग द्वारा स्वीकृत नई बिजली दरें 1 जुलाई से पूरे प्रदेश में प्रभावी हो जाएंगी। नई व्यवस्था के तहत प्रदेश के करीब 76 लाख उपभोक्ताओं को बिजली के लिए पहले की तुलना में अधिक भुगतान करना होगा। हालांकि, सरकार और बिजली कंपनियों ने कुछ ऐसे प्रावधान भी लागू किए हैं, जिनसे उपभोक्ताओं को आंशिक राहत मिलने की उम्मीद है।

औसतन 6.23 फीसदी बढ़ी बिजली की टैरिफ दरें

नई टैरिफ व्यवस्था के अनुसार बिजली(Electricity) दरों में औसतन 6.23 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। इसका सीधा असर घरेलू, व्यावसायिक और अन्य श्रेणी के उपभोक्ताओं के मासिक बिलों पर दिखाई देगा। अनुमान है कि उपभोक्ताओं को प्रति यूनिट 30 से 50 पैसे तक अतिरिक्त राशि का भुगतान करना पड़ सकता है।

लेट पेमेंट पर अब दिन के हिसाब से लगेगा शुल्क

हालांकि, बिजली(Electricity) बिल समय पर जमा नहीं कर पाने वाले उपभोक्ताओं के लिए राहत भरा बदलाव भी किया गया है। अब तक देरी से भुगतान करने पर पूरे महीने का सरचार्ज एकमुश्त लगाया जाता था, लेकिन नई व्यवस्था में यह नियम बदल दिया गया है। अब उपभोक्ताओं से केवल वास्तविक देरी की अवधि के आधार पर प्रतिदिन की दर से लेट फीस वसूली जाएगी। इससे कम अवधि की देरी करने वाले उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ कम होगा।

स्ट्रीट लाइट और हॉस्टलों को घरेलू टैरिफ का लाभ

नई टैरिफ व्यवस्था में कुछ श्रेणियों को विशेष राहत भी दी गई है। स्थानीय निकायों द्वारा संचालित स्ट्रीट लाइट व्यवस्था, सार्वजनिक जलापूर्ति सेवाएं और हाउसिंग बोर्ड की कॉलोनियों को अब घरेलू श्रेणी की दरों का लाभ मिलेगा। इसके अलावा, ग्रामीण क्षेत्रों और बस्तर संभाग में संचालित छात्रावासों को भी घरेलू उपभोक्ता श्रेणी में शामिल किया गया है, जिससे उनकी बिजली लागत में कमी आने की संभावना है।

बिजली उपभोग को संतुलित करने के उद्देश्य से उच्च खपत वाले उपभोक्ताओं के लिए भी नई व्यवस्था लागू की गई है। जिन उपभोक्ताओं का स्वीकृत विद्युत भार 10 किलोवाट से अधिक है, उन्हें सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक बिजली उपयोग करने पर प्रति यूनिट 20 पैसे की विशेष छूट प्रदान की जाएगी। इससे दिन के समय बिजली खपत को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

वहीं, प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाने वाले उपभोक्ताओं के लिए भी सकारात्मक खबर है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए ग्रिड में भेजी जाने वाली अतिरिक्त बिजली की खरीद दर तय कर दी गई है। इसके बाद उपभोक्ताओं द्वारा ग्रिड को दी गई अतिरिक्त बिजली की राशि आगामी बिजली बिलों में समायोजित की जाएगी।

इस बीच, राज्य सरकार ने बिजली बिल बकायादार उपभोक्ताओं को भी राहत देने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना की अवधि में तीन महीने का विस्तार करने की घोषणा की है। इस फैसले से ऐसे उपभोक्ताओं को लाभ मिलेगा, जो सरचार्ज माफी योजना का फायदा उठाकर अपने पुराने बकाया बिलों का निपटारा करना चाहते हैं।

 

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