
महासमुंद-केंद्र सरकार की ‘एक राष्ट्र, एक राशन कार्ड’ योजना के तहत राशन प्राप्त करने के लिए आधार आधारित ई-केवाईसी अनिवार्य किए जाने के बावजूद महासमुंद जिले में हजारों हितग्राही अब भी इस प्रक्रिया से नहीं जुड़ पाए हैं। स्थिति यह है कि जिले के करीब 67 हजार सदस्यों का ई-केवाईसी पूरा नहीं होने के कारण उनका राशन प्रभावित हो रहा है। लोगों को ई-केवाईसी कराने के लिए बार-बार राशन दुकानों और शिविरों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
तीन साल से चल रही प्रक्रिया, फिर भी लक्ष्य अधूरा
महासमुंद जिले में ई-केवाईसी अभियान जून 2023 से चलाया जा रहा है। प्रशासन द्वारा कई बार समय सीमा बढ़ाई गई, विशेष शिविर लगाए गए और मोबाइल एप के माध्यम से भी सुविधा उपलब्ध कराई गई, लेकिन इसके बावजूद प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है।
जिले में कुल 10 लाख 95 हजार 670 राशनकार्ड सदस्यों की ई-केवाईसी का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। इनमें से अब तक 10 लाख 25 हजार 845 सदस्यों की ई-केवाईसी पूरी हो चुकी है, जबकि करीब 67 हजार सदस्य अब भी इससे वंचित हैं।
ई-केवाईसी नहीं तो पूरा राशन नहीं
उचित मूल्य दुकान संचालकों के अनुसार यदि किसी परिवार में तीन सदस्य हैं और उनमें से केवल दो की ई-केवाईसी हुई है, तो केवल उन्हीं दो सदस्यों का राशन जारी किया जा रहा है। जिस सदस्य की ई-केवाईसी नहीं हुई है, उसके हिस्से का राशन तब तक नहीं मिलेगा जब तक प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती।
इसी कारण कई परिवारों को निर्धारित मात्रा से कम राशन मिल रहा है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में नाराजगी भी देखने को मिल रही है।
बुजुर्गों और बच्चों के सामने सबसे बड़ी परेशानी
खाद्य विभाग के अनुसार लंबित मामलों में बड़ी संख्या बुजुर्गों और छोटे बच्चों की है। कई बुजुर्गों के अंगूठों के निशान घिस जाने के कारण बायोमेट्रिक सत्यापन नहीं हो पा रहा है। वहीं कई बुजुर्ग अकेले रहते हैं और राशन दुकान तक पहुंचने में असमर्थ हैं।
इसके अलावा पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों और दूर-दराज गांवों में रहने वाले लोगों को भी ई-केवाईसी कराने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
ब्लॉकवार लंबित ई-केवाईसी की स्थिति
जिले में सबसे अधिक लंबित मामले महासमुंद और पिथौरा विकासखंड में दर्ज किए गए हैं।
- महासमुंद – 16,111 लंबित
- पिथौरा – 15,276 लंबित
- बागबाहरा – 13,582 लंबित
- बसना – 11,561 लंबित
- सरायपाली – 11,449 लंबित
अब ऑनलाइन होगी राशन कार्ड से जुड़ी प्रक्रिया
खाद्य विभाग ने राशन कार्ड से जुड़ी सेवाओं को और आसान बनाने के लिए ऑनलाइन व्यवस्था लागू की है। अब सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से नए राशन कार्ड के लिए आवेदन, नाम जोड़ना, नाम हटाना और अन्य संशोधन ऑनलाइन किए जा सकेंगे।
किसी सदस्य की मृत्यु होने पर उसका नाम हटाने की प्रक्रिया भी ऑनलाइन होगी। वहीं ई-केवाईसी की सुविधा उचित मूल्य दुकानों में उपलब्ध ई-पॉस मशीनों के माध्यम से भी जारी रहेगी।
क्यों जरूरी है ई-केवाईसी?
सरकार का कहना है कि ई-केवाईसी से राशन वितरण प्रणाली में पारदर्शिता आएगी। इसके माध्यम से लाभार्थियों का बायोमेट्रिक सत्यापन किया जाता है, जिससे फर्जी राशन कार्ड, डुप्लीकेट लाभार्थियों और अपात्र लोगों को मिलने वाले सरकारी लाभ पर रोक लगाई जा सकेगी।
जिला सहायक खाद्य अधिकारी ने बताया कि शेष लाभार्थियों के लिए लगातार शिविर लगाए जा रहे हैं। लोगों से अपील की जा रही है कि वे जल्द से जल्द अपनी ई-केवाईसी पूरी कराएं, ताकि राशन वितरण में किसी प्रकार की परेशानी न हो।

