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छत्तीसगढ़ में स्कूलों के पहले दिन खुली व्यवस्थाओं की पोल,

कहीं बच्चा बेहोश तो कहीं भवन और शिक्षकों की कमी पर विरोध

रायपुर-छत्तीसगढ़ में नए शिक्षा सत्र की शुरुआत सोमवार से हो गई, लेकिन स्कूल खुलने के पहले ही दिन कई जिलों से अव्यवस्था, संसाधनों की कमी और तकनीकी समस्याओं की खबरें सामने आईं। प्रदेशभर के कई स्कूलों में भीषण गर्मी, शिक्षकों की कमी, भवन संबंधी समस्याएं और ऑनलाइन उपस्थिति प्रणाली में आई तकनीकी खामियों ने शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

दुर्ग में गर्मी से छात्र बेहोश

दुर्ग जिले के एक स्कूल में गर्मी के कारण एक छात्र की तबीयत अचानक बिगड़ गई और वह बेहोश हो गया। घटना के बाद स्कूल प्रबंधन और अभिभावकों के बीच चिंता का माहौल बन गया। प्रदेश में इन दिनों पड़ रही तेज गर्मी के बीच स्कूलों के संचालन को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है।

बालोद में शिक्षक की मांग को लेकर धरना

वहीं बालोद जिले में शिक्षक की कमी को लेकर ग्रामीणों ने स्कूल परिसर में धरना प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का आरोप था कि लंबे समय से स्कूल में पर्याप्त शिक्षक नहीं होने के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। विरोध के बाद प्रशासन ने स्कूल में शिक्षक की व्यवस्था करने का आश्वासन दिया, जिसके बाद मामला शांत हुआ।

कांकेर में स्कूल भवन नहीं, ग्रामीणों ने जड़ा ताला

उधर कांकेर जिले के ढोरकट्टा गांव में स्कूल भवन नहीं होने से नाराज ग्रामीणों ने स्कूल में ताला जड़कर अपना विरोध दर्ज कराया। ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से नए भवन की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उनका आरोप है कि बच्चों को पर्याप्त सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं, जिससे शिक्षा प्रभावित हो रही है।

राजनांदगांव में कम रही छात्रों की उपस्थिति

राजनांदगांव जिले में भी गर्मी का असर स्कूलों में साफ दिखाई दिया। कई स्कूलों में छात्रों की उपस्थिति अपेक्षा से काफी कम रही। स्थानीय स्तर पर मिली जानकारी के अनुसार, पहले दिन करीब 30 प्रतिशत छात्र ही स्कूल पहुंचे। अभिभावकों का कहना है कि तेज गर्मी के कारण बच्चों को स्कूल भेजने में परेशानी हो रही है।

अटेंडेंस एप क्रैश, शिक्षकों को हुई परेशानी

इसके अलावा शिक्षकों को भी तकनीकी समस्याओं का सामना करना पड़ा। स्कूलों में उपस्थिति दर्ज करने के लिए उपयोग किए जाने वाले अटेंडेंस एप के कई स्थानों पर क्रैश होने की शिकायतें सामने आईं। इससे शिक्षकों को घंटों तक उपस्थिति दर्ज करने में दिक्कत हुई।

पहले दिन ही उठे शिक्षा व्यवस्था पर सवाल

नए शिक्षा सत्र के पहले ही दिन सामने आई इन समस्याओं ने स्कूलों की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कहीं गर्मी से बच्चों की तबीयत बिगड़ी, कहीं शिक्षक नहीं मिले तो कहीं भवन की कमी के कारण विरोध प्रदर्शन हुआ। अब देखना होगा कि सरकार और शिक्षा विभाग इन समस्याओं का समाधान कितनी जल्दी करते हैं, ताकि विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सके।

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Shruti Jangde

With over 6 years of experience in the media industry, I specialize in news anchoring, copywriting, and digital journalism. I cover a wide range of news, delivering accurate, unbiased, and fact-based reporting. Passionate about bringing the truth to the public, I am committed to ethical journalism and credible storytelling. My goal is to inform, inspire, and make a meaningful impact through responsible reporting.

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