छत्तीसगढ़ में 31 IPS अधिकारियों का तबादला, पवन देव को नगरसेना की कमान; GP सिंह बने पुलिस अकादमी के DG

छत्तीसगढ़ सरकार ने पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल करते हुए 31 IPS अधिकारियों के तबादले किए हैं। इस प्रशासनिक बदलाव में कई वरिष्ठ अधिकारियों की जिम्मेदारियां बदली गई हैं। पवन देव को नगरसेना, नागरिक सुरक्षा एवं अग्निशमन सेवाओं के महानिदेशक की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि गुरजिंदर पाल सिंह (GP सिंह) को राज्य पुलिस अकादमी के महानिदेशक का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।
पवन देव और एसआरपी कल्लूरी की बदली जिम्मेदारी
1992 बैच के IPS अधिकारी पवन देव को पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष एवं प्रबंध संचालक के पद से हटाकर नगरसेना, नागरिक सुरक्षा एवं अग्निशमन सेवाओं का महानिदेशक बनाया गया है। वहीं 1994 बैच के IPS अधिकारी एसआरपी कल्लूरी को छत्तीसगढ़ पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन का प्रबंध संचालक नियुक्त किया गया है।
गुरजिंदर पाल सिंह को महानिदेशक प्रशिक्षण के साथ राज्य पुलिस अकादमी के महानिदेशक की जिम्मेदारी दी गई है। प्रदीप गुप्ता को अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक प्रशासन एवं चयन बनाया गया है।
अजातशत्रु बहादुर सिंह को नई जिम्मेदारी
2011 बैच के IPS अधिकारी अजातशत्रु बहादुर सिंह को पुलिस मुख्यालय नवा रायपुर में गुप्तवार्ता और विशेष शाखा के DIG पद से हटाकर नगरसेना, SDRF और अग्निशमन सेवाओं के DIG एवं निदेशक की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
दीपांशु काबरा को रेल और यातायात का अतिरिक्त प्रभार
1997 बैच के IPS अधिकारी दीपांशु काबरा को वर्तमान जिम्मेदारियों के साथ अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक रेल और अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक यातायात का प्रभार दिया गया है। विवेकानंद को वर्तमान दायित्वों के साथ वित्त, योजना एवं प्रबंध का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
अमित कुमार को एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स का अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक बनाया गया है। वहीं डॉ. आनंद छाबड़ा को तकनीकी सेवाएं, डायल-112 और दूरसंचार की जिम्मेदारी दी गई है।
कानून व्यवस्था और सुरक्षा में भी बदलाव
ओमप्रकाश पाल को पुलिस मुख्यालय में पुलिस महानिरीक्षक कानून व्यवस्था एवं सुरक्षा की जिम्मेदारी दी गई है। अंकित कुमार गर्ग को राज्य न्यायालयिक विज्ञान प्रयोगशाला के संचालक का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
शासन की ओर से जारी आदेश के मुताबिक सभी अधिकारियों को आगामी आदेश तक नई पदस्थापना पर अस्थायी रूप से पदस्थ किया गया है। यह फेरबदल पुलिस प्रशासन में जिम्मेदारियों के व्यापक पुनर्गठन के तौर पर देखा जा रहा है।



