वृंदावन के आश्रम से सागर का युवक लापता, 12 सितंबर से नहीं मिला कोई सुराग

मध्य प्रदेश के सागर जिले के जलंधर गांव निवासी साकेत नामदेव के वृंदावन से लापता होने का मामला सामने आया है। साकेत 1 सितंबर को दर्शन और सत्संग के लिए वृंदावन गया था। 12 सितंबर तक उसकी परिजनों से फोन पर बातचीत होती रही, लेकिन इसके बाद उसका मोबाइल बंद हो गया और संपर्क पूरी तरह टूट गया।
परिजनों के मुताबिक, साकेत संत प्रेमानंद महाराज के प्रति श्रद्धा रखता था और उनके आश्रम में गया था। कई दिनों तक कोई जानकारी नहीं मिलने पर परिवार के लोग वृंदावन पहुंचे और आश्रम समेत आसपास के इलाकों में उसकी तलाश की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला।
पुलिस पर सुनवाई नहीं करने का आरोप
साकेत के पिता रामगोपाल नामदेव और चाची संध्या नामदेव ने आरोप लगाया कि स्थानीय पुलिस से शिकायत करने के बावजूद उन्हें अपेक्षित मदद नहीं मिली। परिवार का कहना है कि युवक की तलाश के लिए ठोस कार्रवाई नहीं होने पर उन्हें खुद ही उसकी गुमशुदगी के पोस्टर तैयार करवाकर वृंदावन में अलग-अलग जगह चिपकाने पड़े।
परिजन साकेत की तस्वीर वाले पोस्टर सार्वजनिक स्थानों पर लगाकर लोगों से उसके बारे में जानकारी देने की अपील कर रहे हैं। इसके बाद परिवार वापस अपने गांव लौट आया है।
लापता युवक को लेकर परिजनों की चिंता बढ़ी
वृंदावन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं। ऐसे में साकेत के अचानक संपर्क से बाहर होने के बाद परिवार उसकी सुरक्षा को लेकर चिंतित है। परिजनों ने प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से युवक की तलाश तेज करने और उसे जल्द सकुशल वापस लाने की मांग की है।
फिलहाल साकेत के लापता होने की परिस्थितियों को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। परिवार लगातार उसके बारे में जानकारी जुटाने का प्रयास कर रहा है।



