दाल में 30, चावल में 20 रुपए तक तेजी, महीनेभर में बिगड़ा रसोई का बजट, देखें नए रेट

रायपुर। त्योहारों का मौसम शुरू होने से पहले ही आम लोगों की रसोई का बजट बिगड़ने लगा है। पिछले एक महीने में दाल, चावल और गेहूं समेत कई जरूरी खाद्य सामग्रियों की कीमतों में तेजी देखने को मिली है। बाजार में कुछ सामानों के दाम में मामूली बढ़ोतरी हुई है, तो कुछ खाद्य वस्तुओं की कीमतों में सीधे 20 से 30 रुपए प्रति किलो तक का उछाल आया है। इससे त्योहारों से पहले खरीदारी करने वाले परिवारों की चिंता बढ़ गई है।
हाल ही में राज्य सरकार ने शक्कर की स्टॉकिंग को लेकर व्यापारियों पर सख्ती बढ़ाई थी। व्यापारियों के लिए शक्कर रखने की सीमा 4000 क्विंटल से घटाकर 1000 क्विंटल कर दी गई। सरकार के इस कदम के बाद शक्कर की कीमतों में राहत देखने को मिली और रायपुर में शक्कर का भाव 50 रुपए प्रति किलो से नीचे आ गया। लेकिन दूसरी ओर दाल, चावल और गेहूं समेत रोजमर्रा की जरूरत के कई सामान महंगे हो गए हैं।
पिछले एक महीने में किराना बाजार में कई जरूरी खाद्य वस्तुओं के दाम बढ़े हैं। कीमतों में अचानक आई इस तेजी से आम ग्राहक के साथ-साथ थोक और खुदरा व्यापारी भी हैरान हैं।
चावल के दाम में अचानक उछाल
महंगाई का सबसे ज्यादा असर दाल और चावल की कीमतों पर दिखाई दे रहा है। मध्यम किस्म का चावल, जो करीब एक महीने पहले 60 रुपए प्रति किलो के आसपास बिक रहा था, अब 80 रुपए प्रति किलो के पार पहुंच गया है। कुछ किस्मों में इससे भी ज्यादा तेजी देखने को मिली है।
व्यापारियों के मुताबिक, चावल की अलग-अलग वैरायटी में कीमतों का अंतर भी बढ़ा है। कुछ किस्मों की कीमत महीनेभर में 60 रुपए से बढ़कर करीब 90 रुपए प्रति किलो तक पहुंचने की बात सामने आई है।
हालांकि चावल की कीमतों में अचानक इतनी तेजी क्यों आई, इसकी कोई एक ठोस वजह व्यापारी भी नहीं बता पा रहे हैं। बाजार में मांग, सप्लाई और स्टॉक से जुड़े अलग-अलग कारणों को इसकी वजह माना जा रहा है।
राहर दाल 140 रुपए किलो तक पहुंची
दाल की कीमतों में भी तेजी का असर आम लोगों की रसोई पर पड़ रहा है। राहर दाल की कीमत करीब 110 से बढ़कर 140 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गई है। वहीं चना, उड़द और मूंग दाल के भाव में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
थोक कारोबारियों के अनुसार, महाराष्ट्र में कम बारिश और आने वाले समय में नई फसल कमजोर रहने की आशंका के कारण दालों की कीमतों पर दबाव बढ़ा है। हालांकि बाजार में दालों के दाम बढ़ने की अन्य वजहों पर भी चर्चा चल रही है।
त्योहारों के दौरान दाल और चावल की मांग बढ़ने के कारण आने वाले दिनों में कीमतों पर नजर बनी हुई है।
10 जरूरी सामान खरीदने पर 100 से 150 रुपए ज्यादा
रायपुर के डीडी नगर निवासी सविता मिश्रा के मुताबिक, रोजमर्रा का राशन खरीदने के लिए बाजार जाने पर पिछले महीने की तुलना में खर्च बढ़ गया है। उनका कहना है कि अगर रसोई से जुड़े करीब 10 जरूरी सामान खरीदे जाएं, तो अब एक महीने पहले के मुकाबले करीब 100 से 150 रुपए तक ज्यादा खर्च करना पड़ रहा है।
त्योहारों के समय कपड़े, पूजा सामग्री और अन्य जरूरी खरीदारी के साथ राशन का खर्च बढ़ने से घरेलू बजट पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है।
मॉल में राशन खरीदना और महंगा
राशन की खरीदारी के लिए शॉपिंग मॉल जाने वाले ग्राहकों पर भी महंगाई का असर ज्यादा दिखाई दे रहा है। उपलब्ध दरों के मुताबिक, कुछ खाद्य सामग्रियां सामान्य खुदरा बाजार की तुलना में मॉल में अधिक कीमत पर बिक रही हैं।
उदाहरण के तौर पर चना दाल सामान्य बाजार में करीब 90 रुपए प्रति किलो है, जबकि मॉल में इसकी कीमत 107 रुपए प्रति किलो बताई गई है। इसी तरह राहर दाल सामान्य बाजार में 140 रुपए और मॉल में 155 रुपए प्रति किलो तक है।
पतला चावल सामान्य बाजार में करीब 90 रुपए किलो है, जबकि मॉल में इसकी कीमत 100 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गई है।
अनाज और दालों के नए खुदरा भाव
| खाद्य सामग्री | एक महीने पहले | वर्तमान दर |
| श्रीराम चावल | 65-70 रुपए | 75-85 रुपए |
| काली मूंछ चावल | 60-65 रुपए | 65-75 रुपए |
| एचएमटी चावल | 50-60 रुपए | 60-70 रुपए |
| जवाफूल चावल | 150-190 रुपए | 160-200 रुपए |
| राहर दाल | 110-130 रुपए | 110-140 रुपए |
| चना दाल | 72-80 रुपए | 80-90 रुपए |
| उड़द दाल (धुली) | 100-112 रुपए | 110-125 रुपए |
| मूंग दाल (धुली) | 100-115 रुपए | 110-125 रुपए |
| गेहूं | 54-55 रुपए | 61-62 रुपए |
व्यापारियों ने भी जताई चिंता
रायपुर थोक अनाज व्यापारी कल्याण संघ के महामंत्री प्रकाश अग्रवाल के अनुसार, बीते एक महीने में दाल और चावल की कीमतों में अप्रत्याशित उछाल आया है। उनके मुताबिक शक्कर पर सरकार की सख्ती के बाद कीमतों में राहत मिली है, लेकिन दूसरी ओर अनाज की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं।
वहीं डूमतराई थोक व्यापारी कल्याण संघ के महामंत्री गोविंद माहेश्वरी के अनुसार, चावल की कुछ वैरायटी में अचानक काफी तेजी आई है। कुछ चावल महीनेभर में 60 रुपए से बढ़कर 90 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गए हैं। दालों में भी तेजी जारी है और इस बढ़ोतरी के पीछे की वजह को लेकर बाजार में स्पष्टता नहीं है।
राशन कार्डधारियों को दो महीने का चावल एक साथ लेने की सुविधा
बढ़ती महंगाई के बीच राज्य सरकार के खाद्य विभाग ने राशन कार्डधारियों को कुछ राहत दी है। सितंबर और अक्टूबर महीने का चावल एक साथ उठाने की सुविधा दी गई है। इसके लिए 1 अक्टूबर से पोर्टल खोला गया है।
जिन हितग्राहियों ने सितंबर में राशन का चावल नहीं लिया है, वे अब 15 अक्टूबर तक राशन दुकान से सितंबर और अक्टूबर का चावल एक साथ ले सकते हैं।
इससे उन राशन कार्डधारियों को राहत मिलने की उम्मीद है, जिन्हें बाजार में बढ़ती कीमतों के बीच घरेलू राशन का खर्च संभालना पड़ रहा है।
त्योहार से पहले बढ़ी महंगाई ने बढ़ाई चिंता
एक तरफ शक्कर के दाम सरकार की सख्ती के बाद कम हुए हैं, लेकिन दाल, चावल और गेहूं की कीमतों में तेजी ने आम लोगों के बजट को प्रभावित किया है। त्योहारों के दौरान वैसे भी घरेलू खर्च बढ़ जाता है। ऐसे में जरूरी खाद्य वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी आम परिवारों के लिए अतिरिक्त आर्थिक बोझ बन सकती है।
अब निगाह इस बात पर है कि आने वाले दिनों में दाल और चावल के दामों में और तेजी आती है या बाजार में कीमतें स्थिर होती हैं।



