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Chhattisgarh

धमतरी में विराजेंगी 9 सिर वाली मरघट काली, 2 टन की विशाल प्रतिमा; जनवरी से चल रहा निर्माण

धमतरी-शारदीय नवरात्रि को लेकर छत्तीसगढ़ के धमतरी शहर में तैयारियां तेज हो गई हैं। शहर के अलग-अलग इलाकों में दुर्गा उत्सव समितियां इस बार मां भगवती के आकर्षक और अनोखे स्वरूप की प्रतिमाएं तैयार करवा रही हैं। इसी कड़ी में बांसपारा वार्ड में इस बार 9 सिर वाली ‘मरघट काली’ माता की विशाल प्रतिमा स्थापित की जाएगी। करीब 2 टन वजनी यह प्रतिमा नवरात्रि के दौरान श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहने वाली है।

न्यू प्रताप मित्र दुर्गा उत्सव समिति इस बार अपने आयोजन के 50वें वर्ष को खास और यादगार बनाने की तैयारी में जुटी है। समिति ने इस अवसर पर मां मरघट काली का अनोखा स्वरूप चुना है। विशाल प्रतिमा के साथ भव्य पंडाल और आकर्षक सजावट भी तैयार की जा रही है। प्रतिमा निर्माण का काम स्थानीय मूर्तिकार गंगा नाग की ओर से किया जा रहा है।

जनवरी से चल रहा 9 सिर वाली प्रतिमा का निर्माण

9 सिर वाली मरघट काली की विशाल प्रतिमा का निर्माण जनवरी 2026 से लगातार चल रहा है। कई महीनों की मेहनत के बाद प्रतिमा अब अंतिम चरण में पहुंच गई है। करीब 2 टन वजन वाली प्रतिमा को तैयार करने में कलाकारों को काफी समय और मेहनत लगी है।

मूर्तिकार गंगा नाग के अनुसार, प्रतिमा के स्वरूप और आकार को देखते हुए इसे तैयार करने में कई चरणों में काम किया गया। नौ सिर वाली प्रतिमा को आकर्षक रूप देने के साथ-साथ इसकी मजबूती पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। प्रतिमा को अंतिम रूप देने के लिए कलाकारों की टीम लगातार काम कर रही है।

निर्माण स्थल पर प्रतिमा को देखने के लिए आसपास के लोगों की आवाजाही भी शुरू हो गई है। प्रतिमा के अनोखे स्वरूप और विशाल आकार को लेकर स्थानीय लोगों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।

2 टन की प्रतिमा बनेगी आकर्षण का केंद्र

इस बार बांसपारा में स्थापित होने वाली मरघट काली की प्रतिमा करीब 2 टन वजनी है। नौ सिर वाले स्वरूप के कारण यह प्रतिमा सामान्य दुर्गा प्रतिमाओं से अलग नजर आएगी। नवरात्रि के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के यहां पहुंचने की उम्मीद है।

समिति की ओर से प्रतिमा के साथ पंडाल और सजावट को भी विशेष रूप दिया जा रहा है। आयोजन स्थल को इस तरह तैयार किया जा रहा है कि श्रद्धालुओं को दर्शन के दौरान आकर्षक धार्मिक वातावरण मिल सके।

समिति से जुड़े सीतेश पवार ने बताया कि आयोजन को खास बनाने के लिए प्रतिमा के साथ पंडाल और सजावट पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए दर्शन व्यवस्था और अन्य तैयारियों को भी अंतिम रूप दिया जा रहा है।

पहले पाताल भैरवी की प्रतिमा ने बटोरी थी चर्चा

न्यू प्रताप मित्र दुर्गा उत्सव समिति पहले भी अपनी अनोखी धार्मिक प्रतिमाओं को लेकर चर्चा में रह चुकी है। कुछ वर्ष पहले समिति की ओर से पाताल भैरवी की प्रतिमा स्थापित की गई थी। उस दौरान प्रतिमा को विसर्जन के लिए ले जाते समय उसे उठाने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा था।

समिति से जुड़े लोगों के मुताबिक, इस दौरान विशेष पूजा-अर्चना भी कराई गई थी। प्रतिमा से जुड़ा यह प्रसंग उस समय शहर में चर्चा का विषय बना था। अब एक बार फिर समिति ने अपने आयोजन को अलग पहचान देने के लिए 9 सिर वाली मरघट काली माता की विशाल प्रतिमा का निर्माण कराया है।

समिति के 50वें वर्ष को बनाया जाएगा खास

न्यू प्रताप मित्र दुर्गा उत्सव समिति इस वर्ष अपने आयोजन का 50वां वर्ष मना रही है। ऐसे में समिति के सदस्यों ने इस साल के नवरात्रि आयोजन को यादगार बनाने का फैसला किया है।

50वें वर्ष के अवसर पर 9 सिर वाली मरघट काली की विशाल प्रतिमा स्थापित करने के साथ ही भव्य पंडाल और आकर्षक सजावट की तैयारी की जा रही है। समिति के सदस्य लंबे समय से आयोजन की तैयारियों में जुटे हुए हैं।

समिति का कहना है कि इस बार प्रतिमा और पंडाल को देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। इसे देखते हुए दर्शन के दौरान भीड़ को नियंत्रित करने और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यवस्थाएं की जा रही हैं।

नवरात्रि से पहले ही दिख रहा उत्साह

नवरात्रि शुरू होने से पहले ही बांसपारा क्षेत्र में आयोजन को लेकर उत्साह नजर आने लगा है। प्रतिमा निर्माण स्थल पर लोग पहुंचकर 9 सिर वाली मरघट काली की प्रतिमा को देख रहे हैं। प्रतिमा का आकार और स्वरूप लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।

स्थानीय कलाकारों की कई महीनों की मेहनत के बाद तैयार हो रही यह प्रतिमा इस बार धमतरी के नवरात्रि उत्सव में खास आकर्षण रहने वाली है। समिति की कोशिश है कि 50वें वर्ष का आयोजन श्रद्धालुओं के लिए यादगार बने और नवरात्रि के दौरान बांसपारा में धार्मिक माहौल के साथ बेहतर व्यवस्थाएं भी उपलब्ध रहें।

फिलहाल प्रतिमा को अंतिम रूप देने का काम जारी है। जनवरी से शुरू हुआ निर्माण कार्य अब अपने अंतिम पड़ाव में पहुंच चुका है। नवरात्रि के दौरान जब 2 टन वजनी 9 सिर वाली मरघट काली माता की प्रतिमा पंडाल में विराजेंगी, तो श्रद्धालुओं के लिए यह अनोखा धार्मिक स्वरूप आकर्षण का बड़ा केंद्र बनने की उम्मीद है।

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Shruti Jangde

With over 6 years of experience in the media industry, I specialize in news anchoring, copywriting, and digital journalism. I cover a wide range of news, delivering accurate, unbiased, and fact-based reporting. Passionate about bringing the truth to the public, I am committed to ethical journalism and credible storytelling. My goal is to inform, inspire, and make a meaningful impact through responsible reporting.

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