SIR के मुद्दे पर INDIA गठबंधन में मतभेद, राष्ट्रपति से मुलाकात में शामिल नहीं होगी उद्धव ठाकरे की पार्टी

चुनाव प्रक्रिया में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के खिलाफ विपक्षी दलों की मुहिम के बीच INDIA गठबंधन में मतभेद सामने आए हैं। उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (UBT) राष्ट्रपति से मुलाकात करने वाले विपक्षी प्रतिनिधिमंडल में शामिल नहीं होगी। कांग्रेस सहित विपक्ष के अन्य दल इस मुद्दे पर राष्ट्रपति के सामने अपनी बात रखने की तैयारी कर रहे हैं।
आखिरी समय पर निमंत्रण मिलने का दिया हवाला
सूत्रों के मुताबिक, शिवसेना (UBT) का कहना है कि पार्टी को राष्ट्रपति से मुलाकात के लिए आखिरी समय पर निमंत्रण दिया गया। इसके अलावा उद्धव ठाकरे मुंबई में पार्टी के सांसदों और विभाग प्रमुखों के साथ बैठक कर रहे हैं। इसी वजह से पार्टी के सांसदों के दिल्ली पहुंचने की संभावना नहीं है। संजय राउत भी पुणे के दौरे पर हैं।
बीजेपी ने विपक्षी गठबंधन पर साधा निशाना
शिवसेना (UBT) के फैसले पर महाराष्ट्र सरकार में मंत्री और बीजेपी नेता आशीष शेलार ने INDIA गठबंधन पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि विपक्षी गठबंधन और महाविकास आघाड़ी में सब कुछ ठीक नहीं है। उनके मुताबिक, विपक्षी दल बीजेपी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विरोध करने के लिए एकजुट हुए हैं, लेकिन उनके बीच आपसी मतभेद बने हुए हैं।
विपक्षी एकजुटता पर उठे सवाल
आशीष शेलार ने विपक्षी दलों के बीच मतभेदों का जिक्र करते हुए कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के संबंधों पर भी टिप्पणी की। उन्होंने दावा किया कि विपक्षी दलों के बीच तालमेल की कमी है और शिवसेना (UBT) का राष्ट्रपति से मुलाकात में शामिल नहीं होना इसका एक उदाहरण है।
हालांकि, उद्धव ठाकरे की पार्टी के इस फैसले के पीछे आखिरी समय पर निमंत्रण मिलने और पहले से निर्धारित बैठकों को वजह बताया जा रहा है। ऐसे में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि SIR के खिलाफ विपक्ष की आगे की रणनीति में INDIA गठबंधन के सभी दल एक साथ आते हैं या उनके बीच मतभेद और गहराते हैं।



