छत्तीसगढ़ के चार शहरों में चलेंगी 240 इलेक्ट्रिक बसें, 11 अक्टूबर को होगा कंसेशन एग्रीमेंट

रायपुर। छत्तीसगढ़ के चार प्रमुख शहरों में 240 इलेक्ट्रिक बसों के संचालन का रास्ता साफ होने जा रहा है। प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के तहत 11 अक्टूबर को रायपुर, बिलासपुर, भिलाई और कोरबा नगर निगम तथा चयनित एजेंसी चार्टर्ड स्पीड लिमिटेड के बीच कंसेशन एग्रीमेंट किया जाएगा। उप मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव की मौजूदगी में होने वाले इस समझौते से चारों शहरों में आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल सार्वजनिक परिवहन सेवा शुरू करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया जाएगा।
आठ नगरीय निकायों के महापौर और आयुक्त होंगे शामिल
नवा रायपुर स्थित उप मुख्यमंत्री अरुण साव के निवास कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश के आठ नगरीय निकायों के महापौर और आयुक्त शामिल होंगे। इनमें रायपुर की महापौर मीनल चौबे, बिलासपुर की महापौर पूजा विधानी, कोरबा की महापौर संजू देवी राजपूत, दुर्ग की महापौर अलका बाघमार, रिसाली की महापौर शशि सिन्हा, भिलाई के महापौर नीरज पाल, बीरगांव के महापौर नंदलाल देवांगन और भिलाई-चरोदा के महापौर निर्मल कोसरे शामिल हैं।
कार्यक्रम में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा, संचालक नीलेश क्षीरसागर और सूडा के सीईओ सुमीत अग्रवाल भी मौजूद रहेंगे।
रायपुर को मिलेंगी सबसे ज्यादा 100 इलेक्ट्रिक बसें
नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा के अनुसार, प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के पहले चरण में प्रदेश के चार नगर निगमों में कुल 240 इलेक्ट्रिक बसें संचालित करने की योजना है। इसके तहत रायपुर को सबसे अधिक 100 बसें मिलेंगी। वहीं, दुर्ग-भिलाई और बिलासपुर में 50-50 बसें तथा कोरबा में 40 बसें संचालित की जाएंगी।
बसों के संचालन के लिए जरूरी तैयारियां अंतिम चरण में हैं। बिलासपुर और भिलाई में 1 नवंबर 2026 तक प्रतीकात्मक रूप से 20-20 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है।
हाईटेक सुविधाओं से लैस होंगी बसें
इलेक्ट्रिक बसों में यात्रियों की सुविधा के साथ सुरक्षा का भी विशेष ध्यान रखा जाएगा। बसें आधुनिक तकनीक और हाईटेक सुविधाओं से लैस होंगी। यात्रियों को मोबाइल स्कैनर के माध्यम से किराए का भुगतान करने और ऑनलाइन टिकट प्राप्त करने की सुविधा मिलेगी।
सुरक्षा के लिए प्रत्येक बस में छह कैमरे लगाए जाएंगे। इसके अलावा यात्री मोबाइल एप के जरिए बसों के रूट की जानकारी भी प्राप्त कर सकेंगे।
प्रदूषण कम करने में मिलेगी मदद
प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने बताया कि प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना का उद्देश्य शहरी सार्वजनिक परिवहन को स्वच्छ, सुविधाजनक और पर्यावरण के अनुकूल बनाना है। इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से पारंपरिक ईंधन पर निर्भरता कम होगी और वायु प्रदूषण तथा कार्बन उत्सर्जन घटाने में मदद मिलेगी।
इस पहल से नागरिकों को बेहतर सार्वजनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने के साथ ही शहरों की परिवहन व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में भी तेजी आने की उम्मीद है।



