कोलकाता दुर्गा पूजा पंडाल भगदड़ में 19 की मौत, 7 गिरफ्तार; मृतकों के परिजनों को 25 लाख रुपये और सरकारी नौकरी

कोलकाता के चोरबागान सार्वजनिन दुर्गा पूजा पंडाल में मची भगदड़ में 19 लोगों की मौत हो गई, जबकि 25 लोग घायल हुए हैं। हादसे के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को अस्पताल पहुंचकर घायलों से मुलाकात की और उनका हालचाल जाना। पुलिस ने मामले में पूजा आयोजकों समेत सात लोगों को गिरफ्तार किया है। घटना की जांच के लिए विशेष कार्य बल (एसटीएफ) को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
बारिश के बीच बढ़ी भीड़, मची भगदड़
यह हादसा शनिवार, 17 अक्टूबर की शाम बारिश के दौरान हुआ। चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में अचानक भीड़ बढ़ने से अफरा-तफरी मच गई और भगदड़ की स्थिति बन गई। इसमें कई लोग कुचल गए। मृतकों में बच्चे, युवा और बुजुर्ग शामिल हैं। घायलों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
अमित शाह ने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना जताते हुए घटना को बेहद दुखद बताया। उन्होंने पश्चिम बंगाल के नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी से भी बातचीत कर स्थिति की जानकारी ली। रविवार को उन्होंने अस्पताल पहुंचकर घायलों से मुलाकात की।
मृतकों की पहचान, एक शव की शिनाख्त बाकी
हादसे में जान गंवाने वालों में अभिषेक श्रीवास्तव (38), अयान श्रीवास्तव, संदीप भेज (14), श्रीपर्णा पोद्दार (26), मिठू मंडल (45), आकृति कुमारी (17), बरनाली हलदर (17), शुभम सोनकर (33), आरती सरकार विश्वास (45), टेगर भेज (37), तानिया बिस्वास (18), कल्पना जाना (46), विकास भट्टाचार्य (66), स्नेहा भंडारी (20), पियाली प्रमाणिक (25), प्रिया समद्दर (18) और दिलीप घोष (59) सहित अन्य लोग शामिल हैं। मृतकों में एक व्यक्ति की पहचान अभी नहीं हो सकी है।
सात गिरफ्तार, तीन दिन तक निषेधाज्ञा लागू
कोलकाता पुलिस ने घटना के संबंध में गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अनुसार, शनिवार रात 14 लोगों को हिरासत में लिया गया था। इनमें से सात लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान कुछ और लोगों की गिरफ्तारी भी हो सकती है।
कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए शहर के कुछ हिस्सों में 18 से 20 अक्टूबर तक भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू की गई है।
मृतकों के परिवारों को 25 लाख रुपये और नौकरी
पश्चिम बंगाल सरकार ने मृतकों के परिजनों को 25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता और परिवार के एक सदस्य को ग्रुप-डी की सरकारी नौकरी देने की घोषणा की है। हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान करने के उद्देश्य से एसटीएफ ने जांच शुरू कर दी है।
राज्य सरकार ने प्रमुख दुर्गा पूजा पंडालों में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा के लिए उच्चस्तरीय समिति बनाने का भी ऐलान किया है। मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, गृह सचिव, पुलिस महानिदेशक और पुलिस आयुक्त स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। प्रभावित परिवारों और लोगों की सहायता के लिए 1800 345 5678 हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया है।



