Follow Us on Our Social Media
National

टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस: होटल का कमरा नंबर 201 बना शूटर्स का सीक्रेट ठिकाना, 5 दिन तक फर्जी पहचान से रहे आरोपी

मुंबई। बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग के मामले की जांच में एक अहम जानकारी सामने आई है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, अंधेरी स्थित एक होटल का कमरा नंबर 201 कथित तौर पर शूटर्स का सीक्रेट ठिकाना बना हुआ था। आरोपी फर्जी पहचान के आधार पर इस कमरे में पांच दिन तक रुके थे। पुलिस को आशंका है कि हमले में इस्तेमाल किए गए हथियार की टेस्टिंग भी इसी कमरे में की गई हो सकती है।

फर्जी पहचान देकर होटल में ठहरे आरोपी

जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार, आरोपी फूल सिंह और रेहान सिंह ने होटल में अपनी पहचान छिपाकर कमरा बुक कराया था। इसके लिए दिए गए आधार कार्ड में उनके नाम अंकित और मनदीप उर्फ मोहित दर्ज बताए जा रहे हैं। दोनों ने हरियाणा के हिसार का निवासी होने की जानकारी देकर होटल में कमरा नंबर 201 लिया था।

बताया जा रहा है कि इसी साजिश से जुड़ा अंकित नाम का एक अन्य आरोपी भी हरियाणा से पकड़ा गया है। उस पर टाइगर श्रॉफ पर हमले की साजिश में शामिल होने का आरोप है। सूत्रों के मुताबिक, वह करीब 20 दिन तक मुंबई में रुका हुआ था।

14 अक्टूबर को चेक-इन, 18 अक्टूबर को चेक-आउट

मुंबई क्राइम ब्रांच के सूत्रों के मुताबिक, दोनों आरोपी 14 अक्टूबर को सुबह करीब 11 से 11:30 बजे के बीच होटल में चेक-इन हुए थे। कमरे का किराया करीब 1,500 रुपये प्रतिदिन बताया जा रहा है।

फायरिंग की घटना वाले दिन, यानी 18 अक्टूबर को, दोनों शाम करीब 4 से 4:30 बजे के बीच होटल से चेक-आउट कर गए। इसके बाद वे जुहू स्थित पुष्पा पार्क के फुटबॉल ग्राउंड पहुंचे, जहां टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग की वारदात को अंजाम दिया गया।

जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी होटल से ऑटो-रिक्शा लेकर निकलते थे और कथित तौर पर इलाके की रेकी करते थे। होटल प्रबंधन को उनकी संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी नहीं थी। बताया जा रहा है कि 19 अक्टूबर को पुलिस के होटल पहुंचने के बाद मैनेजर को पूरे मामले का पता चला।

कमरे में हथियार की टेस्टिंग का शक

पुलिस को संदेह है कि फायरिंग में इस्तेमाल किए गए हथियार को होटल के कमरे में चलाकर जांचने की कोशिश की गई हो सकती है। यह आशंका भी जताई गई है कि हथियार चलाने के दौरान मिसफायर हुआ हो। हालांकि, होटल कर्मचारियों ने कमरे से गोली चलने की आवाज सुनने की बात नहीं कही है।

पुलिस ने कमरा नंबर 201 को बंद कर दिया है। फोरेंसिक टीम ने भी मौके पर पहुंचकर जांच की और कमरे से मिले साक्ष्य अपने कब्जे में लिए हैं।

हथियार की सप्लाई और रेकी की कड़ियां खंगाल रही पुलिस

टाइगर श्रॉफ फायरिंग मामले में पुलिस अब आरोपियों के होटल में ठहरने, हथियार की सप्लाई और कथित रेकी से जुड़े घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ रही है। जांच एजेंसियां कमरे को संदिग्धों के संभावित ठिकाने के तौर पर देख रही हैं।

कमरा नंबर 201 से जुटाए गए फोरेंसिक साक्ष्य जांच में अहम साबित हो सकते हैं। हालांकि, हथियार की टेस्टिंग और कमरे में हुई गतिविधियों को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।

Follow Us on Our Social Media

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button