‘गढ़बो हमर व्यापार’ प्रशिक्षण कार्यक्रम में व्यापारियों का उत्साह, सरकारी योजनाओं से लेकर AI तक की मिली जानकारी

रायपुर। छत्तीसगढ़ उद्योग विभाग (CSIDC) एवं छत्तीसगढ़िया वाणिज्य एवं उद्योग महासंघ के संयुक्त तत्वावधान में शनिवार को रायपुर के विमतारा में आयोजित ‘गढ़बो हमर व्यापार’ प्रशिक्षण कार्यक्रम में व्यापारियों का जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। आयोजकों की अपेक्षा से अधिक संख्या में व्यापारियों ने कार्यक्रम में हिस्सा लिया। छत्तीसगढ़ के पांचों संभागों से पहुंचे व्यापारियों को सरकारी योजनाओं, टैक्स, ऑनलाइन व्यापार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और पर्यावरण अनुकूल पैकेजिंग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी दी गई।
कार्यक्रम का उद्देश्य व्यापारियों को आधुनिक व्यावसायिक प्रक्रियाओं से जोड़ना, सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए मार्गदर्शन देना और स्थानीय व्यापार को बढ़ावा देना रहा। प्रतिभागियों ने इस पहल की सराहना करते हुए ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम नियमित रूप से संभाग और जिला स्तर पर आयोजित करने की आवश्यकता जताई।
औद्योगिक नीति और सरकारी योजनाओं की दी जानकारी
उद्योग विभाग की असिस्टेंट डायरेक्टर सोमानी मंडलोई ने छत्तीसगढ़ शासन की औद्योगिक नीति 2024–2030 के प्रमुख प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने नए उद्योगों की स्थापना, स्टार्टअप, नवाचार तथा सूक्ष्म, लघु, मध्यम और बड़ी औद्योगिक इकाइयों को मिलने वाले प्रोत्साहन एवं सब्सिडी के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने व्यापारियों और नए उद्यमियों को पात्रता के अनुसार सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रोत्साहित किया।
टैक्स, ऑनलाइन व्यापार और AI पर विशेष सत्र
प्रशिक्षक सीए विवेक कुमार साहू ने टैक्स से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं और व्यावसायिक प्रक्रियाओं पर मार्गदर्शन दिया। वहीं, अभिजीत राय ने ऑनलाइन व्यापार और ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स (ONDC) के माध्यम से व्यवसाय का विस्तार करने की संभावनाओं पर जानकारी साझा की।
AI विशेषज्ञ सौरभ सराफ ने व्यापारिक कार्यों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते उपयोग और इसके जरिए कामकाज को अधिक प्रभावी बनाने के तरीकों पर प्रकाश डाला। पर्यावरण अनुकूल पैकेजिंग पर आयोजित सत्र में आनंद वर्धन (SPIU, CSIDC) ने व्यवसाय में पर्यावरण के अनुकूल पैकेजिंग अपनाने की आवश्यकता और इसके महत्व को समझाया।
छोटे व्यापारियों को आगे बढ़ाना महासंघ का उद्देश्य: शेखर वर्मा
महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष शेखर वर्मा ने कहा कि संगठन की स्थापना से ही छोटे व्यापारियों को आगे बढ़ाना, उनकी समस्याओं का समाधान करना और छत्तीसगढ़िया समाज के लोगों को व्यापार एवं उद्योग के क्षेत्र में प्रोत्साहित करना प्रमुख उद्देश्य रहा है। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से व्यापारियों का आत्मविश्वास बढ़ाने और उन्हें नई जानकारियों से जोड़ने का प्रयास लगातार जारी रहेगा।
संभाग और जिला स्तर पर नियमित प्रशिक्षण की मांग
महासंघ के उपाध्यक्ष दिलीप टिकरिया एवं ईश्वर पटेल ने बताया कि कार्यक्रम में पांचों संभागों से बड़ी संख्या में व्यापारी शामिल हुए। उन्होंने कहा कि व्यापारियों की भागीदारी से स्पष्ट है कि वे अपने व्यवसाय को नई दिशा देने और आधुनिक तकनीक अपनाने के लिए उत्सुक हैं। प्रतिभागियों ने ऐसे कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित करने की मांग की। आयोजकों के अनुसार, प्रशिक्षण में शामिल प्रतिभागियों को ऑनलाइन प्रमाणपत्र भी जारी किए जाएंगे।
स्थानीय व्यापारियों से खरीदारी और आपसी सहयोग पर जोर
महासंघ के महासचिव कुबेर चंद्राकर ने प्रशिक्षकों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़िया व्यापारियों को एकजुट होकर आगे बढ़ने की जरूरत है। स्थानीय व्यापारियों से अधिक से अधिक खरीदारी करने और आपसी व्यापारिक सहयोग को बढ़ावा देने से स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी तथा व्यापारियों को विकास के नए अवसर मिलेंगे।
कार्यक्रम में ये रहे उपस्थित
कार्यक्रम में महासंघ के उपाध्यक्ष आशीष साहू एवं पुनारद निषाद, कोषाध्यक्ष ललित साहू, विजय चंद्रवंशी, गुलाब साहू, दिनेश सारसीहा, देवेंद्र सांभकर, रामशरण टंडन, घनश्याम सिन्हा, नागेश्वर वर्मा, टीकम सिंह ठाकुर, पारस पटेल, यश साहू, त्रिलोचन साहू, लक्ष्मण साहू, गोविंद यादव, लालजी साहू, नारायण साहू और रजनी चंद्रवंशी सहित पांचों संभागों से आए व्यापारी एवं संगठन के पदाधिकारी मौजूद रहे।



