जामिया में छात्र संघ चुनाव बहाली की मांग तेज, 14वें दिन भी भूख हड़ताल जारी; छात्रों ने रखीं तीन मांगें

जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय में छात्र संघ चुनाव बहाल करने की मांग को लेकर छात्रों का विरोध प्रदर्शन जारी है। 12 अक्टूबर से भूख हड़ताल पर बैठे छात्र 25 अक्टूबर को 14वें दिन भी प्रदर्शन कर रहे हैं। छात्रों का आरोप है कि विश्वविद्यालय प्रशासन उनकी मांगों को लेकर गंभीर नहीं है और प्रदर्शन को खत्म कराने की कोशिश कर रहा है। छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें जबरन हटाया गया और उनके साथ मारपीट की गई। हालांकि, इन आरोपों पर प्रशासन का पक्ष सामने आना बाकी है।
20 साल से चुनाव नहीं होने पर छात्रों में नाराजगी
प्रदर्शन कर रहे छात्रों के मुताबिक, विश्वविद्यालय में पिछले करीब 20 वर्षों से छात्र संघ के चुनाव नहीं हुए हैं। इसी वजह से वे चुनाव बहाल करने की मांग कर रहे हैं। छात्रों का कहना है कि उन्होंने शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन शुरू किया था, लेकिन कई बार उन्हें प्रदर्शन स्थल से हटाने की कोशिश की गई।
छात्रों ने बताया कि विश्वविद्यालय प्रशासन के अधिकारियों और शिक्षकों के साथ उनकी बातचीत भी हुई, लेकिन मांगों पर सहमति नहीं बन सकी। उनका आरोप है कि बातचीत के दौरान प्रदर्शन स्थल पर लगे एक टेंट को हटाने की कोशिश की गई, जिसके बाद छात्रों में नाराजगी बढ़ गई। छात्रों ने कहा कि वे अपनी मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखेंगे।
छात्रों ने लगाए मारपीट और दुर्व्यवहार के आरोप
प्रदर्शनकारी छात्रों का आरोप है कि उन्हें जबरन उठाकर ले जाया गया, उनके साथ मारपीट की गई और घसीटा गया। छात्रों ने यह भी दावा किया कि विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से प्रदर्शन को बाधित करने की कोशिश की जा रही है। उनका कहना है कि वे अपने अधिकारों के लिए शांतिपूर्ण तरीके से आवाज उठा रहे हैं और प्रशासन से बातचीत के लिए तैयार हैं।
छात्रों के मुताबिक, विश्वविद्यालय प्रशासन के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत के दौरान भी विवाद की स्थिति बनी। उन्होंने मांग की है कि प्रशासन उनकी समस्याओं पर सुनवाई के लिए स्पष्ट तारीख तय करे और छात्र संघ चुनाव कराने की समयसीमा बताए।
छात्रों की तीन प्रमुख मांगें
प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के सामने तीन प्रमुख मांगें रखी हैं।
विश्वविद्यालय में छात्र संघ के चुनाव बहाल किए जाएं।
छात्रों के खिलाफ की गई कार्रवाई वापस ली जाए।
विश्वविद्यालय के सुरक्षा सलाहकार और प्रॉक्टर को हटाया जाए।
छात्रों का कहना है कि प्रशासन को यह स्पष्ट करना चाहिए कि उनकी मांगों पर कब सुनवाई होगी और चुनाव किस तारीख को कराए जाएंगे। फिलहाल, छात्र अपनी मांगों को लेकर भूख हड़ताल और विरोध प्रदर्शन जारी रखे हुए हैं।



