नेपाल ने बाढ़ की तबाही के बावजूद भारत को बेची 370 करोड़ रुपये की बिजली, बांग्लादेश को भी सप्लाई शुरू

नेपाल ने विनाशकारी बाढ़ से जलविद्युत परियोजनाओं को नुकसान पहुंचने के बावजूद बिजली निर्यात जारी रखा है। सितंबर के मध्य से अक्टूबर के मध्य तक नेपाल ने भारत को 633.986 मिलियन यूनिट बिजली बेची, जिससे उसे 5.925 अरब नेपाली रुपये यानी करीब 370 करोड़ भारतीय रुपये की कमाई हुई। नेपाल विद्युत प्राधिकरण (NEA) के प्रबंध निदेशक दीर्घायु कुमार श्रेष्ठ ने इसकी जानकारी दी।
अगस्त में आई अचानक बाढ़ से नेपाल की कई जलविद्युत परियोजनाएं प्रभावित हुई थीं। इसके बावजूद देश ने बिजली निर्यात जारी रखा। निर्यात की गई बिजली का लगभग दो-तिहाई हिस्सा भारत के साथ द्विपक्षीय बिजली बिक्री समझौतों के तहत भेजा गया।
भारत के रास्ते बांग्लादेश को भी बिजली की आपूर्ति
नेपाल ने भारत के ट्रांसमिशन नेटवर्क के जरिए बांग्लादेश को 40 मेगावाट बिजली का निर्यात भी दोबारा शुरू कर दिया है। शुक्रवार को यह आपूर्ति फिर से शुरू हुई। इससे पहले नेपाल-तिब्बत सीमा के पास आई बाढ़ के कारण त्रिशूली और चिलिमे जलविद्युत संयंत्रों को नुकसान पहुंचा था। इन परियोजनाओं को बांग्लादेश को बिजली देने की मंजूरी मिली हुई थी।
नेपाल विद्युत प्राधिकरण के मुताबिक, भारत के केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण से अन्य जलविद्युत परियोजनाओं से उत्पादित बिजली बांग्लादेश भेजने की अनुमति मिलने के बाद निर्यात दोबारा शुरू हो सका।
बाढ़ ने नेपाल में मचाई थी भारी तबाही
26 अगस्त को नेपाल-तिब्बत सीमा के पास ऊंचे हिमालयी क्षेत्र में बर्फ और चट्टानों के खिसकने से अचानक बाढ़ आई थी। इस आपदा ने उत्तरी और मध्य नेपाल के कई कस्बों और गांवों को भारी नुकसान पहुंचाया। रिपोर्ट के अनुसार, इसमें करीब 1,400 लोगों की मौत हुई, जबकि 5,000 से अधिक लोग लापता बताए गए।
बाढ़ के कारण घरों, वाहनों, सड़कों, पुलों और जलविद्युत परियोजनाओं को नुकसान पहुंचा था। इसके बावजूद नेपाल ने बिजली निर्यात जारी रखकर अपनी ऊर्जा आपूर्ति और व्यापारिक गतिविधियों को बनाए रखने की कोशिश की।



