Follow Us on Our Social Media
National

सौरव दास को कहां से मिले पैसे? CJP नेताओं की विदेशी फंडिंग पर अभिजीत दीपके ने उठाए सवाल

नई दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं की फंडिंग को लेकर राजनीतिक विवाद गहराता जा रहा है। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने अभिजीत दीपके और आशुतोष रांका पर अमेरिका और पाकिस्तान से आर्थिक मदद मिलने के आरोप लगाए हैं। वहीं, वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश साल्वे भी पहले CJP से जुड़े लोगों की फंडिंग पर सवाल उठा चुके हैं। इन आरोपों के बीच अभिजीत दीपके ने फंडिंग के स्रोतों को लेकर सवाल खड़े किए हैं। हालांकि, अब तक इन दावों के समर्थन में कोई स्वतंत्र रूप से सत्यापित वित्तीय रिकॉर्ड सार्वजनिक नहीं हुआ है।

CJP नेताओं की विदेशी फंडिंग को लेकर विवाद तेज

कॉकरोच जनता पार्टी यानी CJP के नेताओं की कथित विदेशी फंडिंग को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने 3 नवंबर को बेंगलुरु में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके और सह-संस्थापक आशुतोष रांका का नाम लेते हुए गंभीर आरोप लगाए।

जितेंद्र सिंह के मुताबिक, अभिजीत दीपके को अमेरिका में रहने वाले डोनर्स से आर्थिक मदद मिली है, जबकि आशुतोष रांका को पाकिस्तान के नेताओं और उनसे जुड़े कथित लोगों से फंडिंग प्राप्त हुई है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस धन का इस्तेमाल भारत में सरकार विरोधी अभियान चलाने और लोगों के बीच गलत नैरेटिव तैयार करने के लिए किया जा रहा है।

हालांकि, इन आरोपों को लेकर किसी खास लेन-देन, बैंक रिकॉर्ड या भुगतान से जुड़ा ऐसा दस्तावेज सार्वजनिक नहीं किया गया है, जिससे इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि हो सके।

विदेशी NGO और ‘डीप स्टेट’ पर भी उठाए सवाल

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जितेंद्र सिंह ने विदेशी फंडिंग प्राप्त करने वाले NGO, कथित डीप स्टेट नेटवर्क और भारत विरोधी संगठनों का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि ऐसे संगठन और उनसे जुड़े लोग देश में भ्रामक नैरेटिव बनाने की कोशिश कर सकते हैं।

उन्होंने कहा कि विदेशी फंडिंग के स्रोतों और उनके इस्तेमाल की जांच की जानी चाहिए। इस दौरान उन्होंने विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम यानी FCRA का समर्थन करते हुए कहा कि विदेशी धन के प्रवाह को नियंत्रित करने के लिए इस तरह का कानून जरूरी है।

FCRA के तहत भारत में विदेशी योगदान प्राप्त करने वाले संगठनों पर नियम लागू होते हैं। इसका उद्देश्य विदेशी फंडिंग को नियमानुसार नियंत्रित करना और उसके इस्तेमाल में पारदर्शिता सुनिश्चित करना है।

हरीश साल्वे भी पहले पूछ चुके हैं फंडिंग का हिसाब

CJP नेताओं की फंडिंग पर सवाल उठाने वाले जितेंद्र सिंह अकेले नहीं हैं। इससे पहले वरिष्ठ अधिवक्ता और पूर्व सॉलिसिटर जनरल हरीश साल्वे ने भी CJP से जुड़े प्रदर्शनकारियों के आर्थिक स्रोतों को लेकर सवाल किए थे।

साल्वे ने अभिजीत दीपके और सौरव दास समेत कुछ लोगों का नाम लेते हुए पूछा था कि देश में प्रदर्शन आयोजित करने और अभियान चलाने के लिए पैसा कहां से आ रहा है। उन्होंने सरकार से इस पूरे मामले की जांच कराने की मांग भी की थी।

उनके सवालों के बाद CJP से जुड़े लोगों की फंडिंग का मुद्दा राजनीतिक और सार्वजनिक चर्चा का विषय बन गया। हालांकि, उनके बयान में भी किसी खास व्यक्ति को भुगतान किए जाने का सत्यापित वित्तीय रिकॉर्ड सार्वजनिक नहीं किया गया था।

अभिजीत दीपके पहले दे चुके हैं अपनी पढ़ाई के खर्च पर सफाई

विदेशी फंडिंग को लेकर उठ रहे सवालों के बीच अभिजीत दीपके पहले भी अपनी अमेरिका में पढ़ाई के खर्च को लेकर सफाई दे चुके हैं। उन्होंने बताया था कि बोस्टन यूनिवर्सिटी में उनकी पढ़ाई का खर्च स्कॉलरशिप और एजुकेशन लोन के जरिए पूरा हुआ था।

इसके अलावा उन्होंने CJP की गतिविधियों के लिए आगे क्राउडफंडिंग करने और फंडिंग में पारदर्शिता बनाए रखने की बात भी कही थी।

अब एक बार फिर विदेशी फंडिंग को लेकर उठे सवालों ने CJP को चर्चा के केंद्र में ला दिया है। खास बात यह है कि इस विवाद में सौरव दास का नाम भी सामने आया है। हरीश साल्वे ने पहले उनकी फंडिंग को लेकर सवाल उठाए थे, लेकिन उपलब्ध जानकारी में उनके खाते में किसी खास स्रोत से पैसा आने का सत्यापित विवरण सामने नहीं आया है।

आखिर सौरव दास को कहां से मिले पैसे?

फिलहाल इस पूरे विवाद में सबसे बड़ा सवाल यही है कि CJP से जुड़े लोगों को आर्थिक मदद कहां से मिल रही है और इस पैसे का इस्तेमाल किन गतिविधियों में किया जा रहा है। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह और हरीश साल्वे ने फंडिंग के स्रोतों पर सवाल उठाए हैं, लेकिन आरोपों की पुष्टि के लिए स्वतंत्र वित्तीय दस्तावेज सामने आना जरूरी है।

जब तक जांच या सत्यापित रिकॉर्ड के जरिए इन दावों की पुष्टि नहीं होती, तब तक विदेशी फंडिंग से जुड़े आरोपों को आरोप के तौर पर ही देखा जाना चाहिए। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि क्या इस मामले में कोई आधिकारिक जांच होती है और CJP की ओर से फंडिंग के स्रोतों को लेकर विस्तृत जानकारी सार्वजनिक की जाती है।

Follow Us on Our Social Media

Shruti Jangde

With over 6 years of experience in the media industry, I specialize in news anchoring, copywriting, and digital journalism. I cover a wide range of news, delivering accurate, unbiased, and fact-based reporting. Passionate about bringing the truth to the public, I am committed to ethical journalism and credible storytelling. My goal is to inform, inspire, and make a meaningful impact through responsible reporting.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button