राहुल गांधी की रैली में रंधावा ने भगवंत मान को घेरा, बोले- मानसा में शव पड़ा है और CM को शर्म तक नहीं आई!

नशे और भ्रष्टाचार को लेकर भगवंत मान सरकार पर हमला
बुधवार को संगरूर में आयोजित कांग्रेस की इंसाफ रैली में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। इस दौरान कांग्रेस सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने पंजाब की मौजूदा स्थिति को लेकर आम आदमी पार्टी सरकार पर सवाल खड़े किए।
रंधावा ने कहा कि पंजाब में इस समय नशे का कारोबार सबसे बड़ी समस्याओं में से एक है। इसके साथ ही राज्य में भ्रष्टाचार भी बड़े स्तर पर हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इन दोनों समस्याओं पर लोगों को राहत देने में नाकाम रही है।
रंधावा के मुताबिक, पंजाब के मौजूदा हालात को देखते हुए अब राज्य को बदलाव की जरूरत है। कांग्रेस ने जनता के मुद्दों को लेकर संघर्ष शुरू कर दिया है और पार्टी लोगों को इंसाफ दिलाने के लिए पूरी ताकत से लड़ाई लड़ेगी।
मानसा में शव का जिक्र कर मुख्यमंत्री से पूछे सवाल
रैली के दौरान सुखजिंदर सिंह रंधावा ने मुख्यमंत्री भगवंत मान को कानून व्यवस्था के मुद्दे पर भी घेरा। उन्होंने कहा कि किसी भी मुख्यमंत्री की पहली जिम्मेदारी अपने राज्य में कानून व्यवस्था बनाए रखना और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना होती है।
रंधावा ने मानसा में पड़े एक शव का जिक्र करते हुए सवाल उठाया कि जब राज्य में ऐसी गंभीर घटना हुई है, तो मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी क्या बनती है? उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री न तो मौके पर पहुंचे और न ही उन्होंने इस मामले पर कोई बयान दिया।
रंधावा ने इस स्थिति को शर्मनाक बताते हुए कहा कि जब जनता किसी परेशानी और दुख से गुजर रही हो, तब मुख्यमंत्री को आगे आकर अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए। उनके इस बयान के जरिए कांग्रेस ने पंजाब में कानून व्यवस्था की स्थिति को लेकर सरकार पर सवाल उठाए।
संगरूर में राहुल गांधी की मौजूदगी में कांग्रेस ने उठाए मुद्दे
संगरूर में आयोजित इंसाफ रैली को कांग्रेस ने 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव की तैयारियों की शुरुआत के तौर पर पेश किया। रैली में राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की मौजूदगी में पार्टी नेताओं ने राज्य के कई अहम मुद्दों को उठाया।
कांग्रेस की रणनीति में नशे का कारोबार, भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और कानून व्यवस्था प्रमुख मुद्दे नजर आए। पार्टी नेताओं ने कहा कि आने वाले समय में इन मुद्दों को लेकर सरकार से लगातार जवाब मांगा जाएगा।
इस रैली के जरिए कांग्रेस ने अपने कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने और जनता के बीच अपनी बात पहुंचाने की कोशिश की। पार्टी का कहना है कि पंजाब के लोगों से जुड़े मुद्दों पर संघर्ष जारी रहेगा।
भगवंत मान का गृह जिला है संगरूर
संगरूर राजनीतिक रूप से भी इस रैली के लिए अहम माना जा रहा है, क्योंकि यह मुख्यमंत्री भगवंत मान का गृह जिला है। ऐसे में कांग्रेस ने इसी इलाके में बड़ी रैली आयोजित कर आम आदमी पार्टी सरकार को उसके गृह क्षेत्र में घेरने की कोशिश की।
राहुल गांधी की मौजूदगी में आयोजित इस कार्यक्रम के जरिए कांग्रेस ने यह संदेश देने की कोशिश की कि वह पंजाब में नशे, भ्रष्टाचार और कानून व्यवस्था जैसे मुद्दों को लेकर सरकार के खिलाफ अभियान चलाएगी।
2027 विधानसभा चुनाव पर कांग्रेस की नजर
पंजाब में 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में राजनीतिक दलों ने अपनी तैयारियां तेज करनी शुरू कर दी हैं। कांग्रेस की संगरूर इंसाफ रैली को भी इसी चुनावी रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।
पार्टी इस रैली के जरिए कार्यकर्ताओं में उत्साह बढ़ाने के साथ ही जनता के बीच अपनी पकड़ मजबूत करना चाहती है। वहीं, आम आदमी पार्टी सरकार के सामने नशे और कानून व्यवस्था जैसे मुद्दों पर विपक्ष के सवालों का जवाब देने की चुनौती है।
फिलहाल, संगरूर की इस रैली में सुखजिंदर सिंह रंधावा के बयान ने पंजाब की राजनीति में कानून व्यवस्था, नशे और भ्रष्टाचार के मुद्दों को फिर से चर्चा में ला दिया है।



