अमेरिकी मिडटर्म चुनाव में ट्रंप को बड़ा झटका, संसद के दोनों सदनों में डेमोक्रेट्स का बहुमत

अमेरिका में 2026 के मध्यावधि चुनाव के नतीजों में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी को बड़ा झटका लगा है। विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी ने संसद के दोनों सदनों यानी प्रतिनिधि सभा और सीनेट में बहुमत हासिल कर लिया है। चुनाव में मिली हार के बाद ट्रंप ने नतीजों को स्वीकार करने और विपक्ष के साथ मिलकर काम करने की बात कही है।
ट्रंप ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि वह चुनावी बैलेट पर नहीं थे। अगर उनका नाम बैलेट पर होता, तो उनकी पार्टी बड़े अंतर से जीतती। हालांकि, उन्होंने नतीजों को स्वीकार करने की बात कहते हुए कहा कि डेमोक्रेट्स के साथ काम करने के लिए उनकी पार्टी तैयार है। उन्होंने उम्मीद जताई कि दोनों पक्ष मिलकर कोई रास्ता निकाल सकेंगे।
प्रतिनिधि सभा में डेमोक्रेट्स को बढ़त
अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में कुल 435 सीटें हैं और इस बार सभी सीटों पर चुनाव हुए हैं। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, डेमोक्रेटिक पार्टी ने अब तक 204 सीटों पर जीत दर्ज की है, जबकि रिपब्लिकन पार्टी को 123 सीटें मिली हैं। सदन में बहुमत के लिए 218 सीटों की जरूरत होती है। बाकी सीटों पर मतगणना और नतीजों की प्रक्रिया जारी रहने के बीच डेमोक्रेट्स की स्थिति मजबूत बनी हुई है।
सीनेट में भी डेमोक्रेटिक पार्टी का बहुमत
सीनेट की कुल 100 सीटों में से इस चुनाव में 35 सीटों पर मतदान हुआ। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, डेमोक्रेटिक पार्टी ने 15 और रिपब्लिकन पार्टी ने 8 सीटें जीती हैं। बाकी 12 सीटों पर मतगणना जारी है। कुल सीटों के आंकड़ों में डेमोक्रेट्स के पास 52 और रिपब्लिकन पार्टी के पास 41 सीटें बताई गई हैं। सीनेट में बहुमत के लिए 51 सीटों की जरूरत होती है।
लिंडसे ग्राहम की बहन को मिली हार
चुनाव में भारत विरोधी रुख के लिए चर्चा में रहे लिंडसे ग्राहम की बहन डार्लिन ग्राहम को भी हार का सामना करना पड़ा। साउथ कैरोलिना में सीनेट चुनाव के दौरान उन्हें एनी एंड्र्यूज ने हराया। हालांकि, दोनों उम्मीदवारों के बीच जीत का अंतर कम बताया गया है।
जॉन ओसॉफ ने ट्रंप पर साधा निशाना
सीनेट में दोबारा चुने गए डेमोक्रेटिक नेता जॉन ओसॉफ ने जीत के बाद ट्रंप पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि अमेरिकी जनता ने इस जीत के जरिए राष्ट्रपति ट्रंप के नेतृत्व और उनके प्रशासन के खिलाफ अपना रुख स्पष्ट किया है। ओसॉफ ने कहा कि पिछले दो वर्षों में लोकतंत्र और गणतंत्र के भविष्य को लेकर जो चिंताएं थीं, चुनावी नतीजे उनसे उबरने का भरोसा देते हैं।
जॉर्जिया को मिली पहली अश्वेत महिला गवर्नर
डेमोक्रेटिक पार्टी की कीशा लांस बॉटम्स ने जॉर्जिया के गवर्नर का चुनाव जीतकर इतिहास रच दिया है। वह अमेरिका की पहली अश्वेत महिला गवर्नर बन गई हैं। उन्होंने रिपब्लिकन उम्मीदवार रिक जैक्सन को हराया। उनकी जीत के साथ जॉर्जिया में गवर्नर का पद रिपब्लिकन पार्टी से डेमोक्रेटिक पार्टी के पास चला गया है।
ट्रंप प्रशासन के फैसलों पर बढ़ेगी निगरानी
अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव के दो साल बाद मध्यावधि चुनाव होते हैं। इनमें प्रतिनिधि सभा की सभी 435 सीटों और सीनेट की लगभग एक-तिहाई सीटों पर मतदान होता है। इन चुनावों के नतीजे तय करते हैं कि संसद के दोनों सदनों में किस पार्टी का नियंत्रण रहेगा।
प्रतिनिधि सभा में बहुमत मिलने से डेमोक्रेट्स को कई संसदीय समितियों का नियंत्रण मिल सकता है। इसके जरिए वे ट्रंप प्रशासन के फैसलों की जांच कर सकते हैं, अधिकारियों को पूछताछ के लिए बुला सकते हैं और सरकारी दस्तावेज मांग सकते हैं। जरूरत पड़ने पर समन भी जारी किए जा सकते हैं। ऐसे में संसद में डेमोक्रेट्स की मजबूत स्थिति ट्रंप सरकार के लिए आने वाले समय में राजनीतिक चुनौतियां बढ़ा सकती है।



