Follow Us on Our Social Media
National

महादेव सट्टा ऐप केस में आज रायपुर कोर्ट में पेश होगा सौरभ चंद्राकर, CBI मांग सकती है रिमांड

महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप मामले के मुख्य आरोपी सौरभ चंद्राकर को आज रायपुर की विशेष CBI अदालत में पेश किया जाएगा। केंद्रीय जांच एजेंसी उससे पूछताछ के लिए कस्टोडियल रिमांड की मांग कर सकती है। करीब 6 हजार करोड़ रुपये के कथित सट्टा घोटाले में आरोपी सौरभ को मंगलवार को दिल्ली से रायपुर लाया गया था।

CBI की टीम उसे फ्लाइट के जरिए रायपुर लेकर पहुंची। एयरपोर्ट पर मीडिया की मौजूदगी के कारण उसे गेट नंबर-2 के बजाय गेट नंबर-1 से बाहर निकाला गया। इसके बाद अधिकारी उसे अपने साथ ले गए। इससे पहले सोमवार को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने उसे दो दिन की ट्रांजिट रिमांड पर CBI को सौंपने का आदेश दिया था।

ओमान से प्रत्यर्पण के बाद भारत लाया गया

CBI ने अन्य केंद्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर सौरभ चंद्राकर को ओमान में पकड़ा था। जांच एजेंसी के मुताबिक, वह 2023 से दुबई में रह रहा था और उसके खिलाफ इंटरपोल का रेड कॉर्नर नोटिस जारी था। गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने कथित तौर पर फर्जी पहचान दस्तावेजों का इस्तेमाल किया था।

ओमान की रॉयल पुलिस ने 8 जुलाई 2026 को उसे गिरफ्तार किया था। इसके बाद भारत सरकार की एजेंसियों ने ओमान को प्रत्यर्पण का प्रस्ताव भेजा। दोनों देशों के अधिकारियों और इंटरपोल के बीच बातचीत के बाद प्रत्यर्पण की मंजूरी मिली। 1 नवंबर को CBI की टीम उसे मस्कट से भारत लेकर आई।

प्रत्यर्पण की शर्तों पर आरोपी के वकील ने उठाए सवाल

दिल्ली की अदालत में सुनवाई के दौरान सौरभ के वकील ने ओमान की अदालत के आदेश का हवाला देते हुए CBI की कार्रवाई पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि भारत की ओर से भेजे गए प्रत्यर्पण अनुरोध में ED के मामले को मंजूरी मिली थी, जबकि CBI के मामले को मंजूरी नहीं दी गई थी।

वकील ने दलील दी कि प्रत्यर्पण की शर्तों के तहत सौरभ पर उन्हीं मामलों में कार्रवाई हो सकती है, जिनके आधार पर उसे भारत लाया गया है। इसलिए CBI उसे अपने मामले में रिमांड पर नहीं ले सकती।

वहीं, CBI ने कहा कि रायपुर की विशेष अदालत पहले ही आरोपी के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी कर चुकी है। एजेंसी के मुताबिक, ED और CBI के मामले आपस में जुड़े हुए हैं। प्रत्यर्पण की शर्तों और मुकदमा चलाने के अधिकार से जुड़े सवालों पर रायपुर की विशेष अदालत फैसला करेगी।

महादेव ऐप मामले में कई एजेंसियां कर रहीं जांच

महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप से जुड़े मामलों की जांच CBI और ED कर रही हैं। छत्तीसगढ़ सरकार ने इस मामले से जुड़ी 13 FIR जांच के लिए CBI को सौंपी थीं। इनमें से दो मामलों में चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। ED मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से जांच कर रही है और सौरभ के खिलाफ अभियोजन शिकायत भी दाखिल कर चुकी है।

CBI के अनुसार, सौरभ चंद्राकर, रवि उप्पल और उनके सहयोगियों ने महादेव बुक ऐप को प्रमोट किया था। आरोप है कि ऑनलाइन सट्टेबाजी के लिए अलग-अलग प्लेटफॉर्म और पैनल बनाए गए थे। इनके जरिए क्रिकेट, फुटबॉल, ताश और अन्य खेलों पर सट्टा संचालित किया जाता था।

बैंक खातों और हवाला के जरिए विदेश भेजी जाती थी रकम

जांच एजेंसी का आरोप है कि सट्टेबाजी से मिलने वाली रकम अलग-अलग बैंक खातों में जमा की जाती थी। इसके बाद कई लेनदेन के जरिए पैसे को छिपाकर हवाला के माध्यम से विदेश भेजा जाता था। जांच में नेटवर्क को बिना रुकावट चलाने के लिए सरकारी कर्मचारियों को रिश्वत दिए जाने का आरोप भी सामने आया है।

CBI के मुताबिक, इस नेटवर्क का संचालन विदेश से किया जा रहा था और देशभर में फ्रेंचाइजी की तरह पैनल और शाखाएं बनाई गई थीं। इनके जरिए लोगों को सट्टेबाजी से जोड़कर उनसे पैसे जमा कराए जाते थे। ED भारत और विदेश में इस मामले से जुड़ी कई संपत्तियां अटैच कर चुकी है।

सौरभ ने सुरक्षा की मांग करने का दावा किया था

ओमान में हिरासत के दौरान सौरभ चंद्राकर ने भारत की जेल में अपनी जान को खतरा होने की आशंका जताई थी। उसने अपने परिवार की सुरक्षा की मांग भी की थी। उसका दावा था कि महादेव सट्टा नेटवर्क से जुड़े प्रभावशाली लोग उसे और उसके परिवार को नुकसान पहुंचा सकते हैं।

सौरभ ने कथित तौर पर जांच एजेंसियों को नेटवर्क के राजनीतिक संपर्कों, पैसों के लेन-देन और विदेशों में मौजूद संपत्तियों की जानकारी देने की बात कही थी। उसने भारत आकर जांच एजेंसियों और अदालत के सामने बयान देने की तैयारी भी जताई थी।

मुख्यमंत्री ने कार्रवाई को बताया अहम

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सौरभ चंद्राकर की गिरफ्तारी पर CBI को बधाई दी। उन्होंने कहा कि सट्टा नेटवर्क से मिलने वाली प्रोटेक्शन मनी किन-किन लोगों तक पहुंचती थी, इसका बड़ा खुलासा हो सकता है।

वहीं, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि सौरभ के खिलाफ कार्रवाई कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में ही शुरू हुई थी। उनके मुताबिक, उस समय 70 से अधिक FIR दर्ज की गई थीं, कई गिरफ्तारियां हुई थीं और सट्टा ऐप पर रोक लगाने के लिए कानून भी बनाए गए थे।

Follow Us on Our Social Media

Mahi Rajput

Content Writer (News) – 2.5 Years of Experience- Experienced in writing and editing news articles for digital news portals. - Skilled in writing breaking news, feature stories, and informative web content. - Strong fact-checking, research, and editing skills. - Able to meet daily publishing deadlines and produce high-quality content consistently.Social Media Management – 6 Months of Experience- Managed social media accounts and scheduled content. - Created engaging captions and post copies. - Planned and maintained content calendars. - Monitored audience engagement and responded to queries. - Coordinated with the content team to ensure consistent brand communication.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button