फर्जी खबरें बनाकर लोगों से वसूली का आरोप, कारोबारी दीपक टंडन रायपुर से गिरफ्तार

छत्तीसगढ़ में फर्जी खबरें प्रकाशित कर लोगों को ब्लैकमेल करने के आरोप में होटल कारोबारी दीपक टंडन को गिरफ्तार किया गया है। बिलासपुर पुलिस ने उसे रायपुर के न्यू राजेंद्र नगर स्थित रजत प्राइम अपार्टमेंट से पकड़ा है। आरोपी एक न्यूज पोर्टल चलाता है। आरोप है कि वह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से लोगों की तस्वीरों के साथ छेड़छाड़ कर आपत्तिजनक और भ्रामक खबरें प्रकाशित करता था। इसके बाद इन खबरों के जरिए दबाव बनाकर उनसे पैसे वसूलता था।
पुलिस ने आरोपी के पास से दो मोबाइल फोन जब्त किए हैं। पुलिस के मुताबिक, मोबाइल में कई आपत्तिजनक तस्वीरें, वीडियो और ऑडियो क्लिप मिले हैं। दीपक टंडन इससे पहले तत्कालीन डीएसपी कल्पना वर्मा से जुड़े विवाद के कारण भी चर्चा में आया था।
शिकायत के बाद पुलिस ने की गिरफ्तारी
बिलासपुर पुलिस के अनुसार, 29 अक्टूबर को तिफरा के महाराणा प्रताप नगर निवासी मणीशंकर पांडेय ने सिरगिट्टी थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि उनकी तस्वीरों को AI की मदद से एडिट कर आपत्तिजनक और भ्रामक खबरें तैयार की गईं। इन खबरों को न्यूज पोर्टल और सोशल मीडिया पर पोस्ट कर उनकी छवि खराब करने और ब्लैकमेल करने की कोशिश की गई।
जांच के दौरान 46 वर्षीय दीपक टंडन की भूमिका सामने आने पर पुलिस ने उसकी तलाश शुरू की। उसकी लोकेशन रायपुर में मिलने के बाद 6 नवंबर को पुलिस टीम ने अपार्टमेंट में दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया।
दो मोबाइल जब्त, अन्य आरोपियों की भूमिका की जांच
पुलिस ने आरोपी के दोनों मोबाइल फोन जब्त किए हैं। इनमें पोर्टल से संबंधित आपत्तिजनक तस्वीरें, वीडियो और ऑडियो क्लिप मिलने की बात सामने आई है। पुलिस अब ब्लैकमेलिंग और जबरन वसूली के आरोपों की जांच कर रही है। साथ ही डिजिटल साक्ष्यों की पड़ताल और मामले में अन्य नामजद लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
डीएसपी कल्पना वर्मा से जुड़े विवाद से आया था चर्चा में
दीपक टंडन ने इससे पहले दंतेवाड़ा में पदस्थ रहीं डीएसपी कल्पना वर्मा पर रिश्वत, ब्लैकमेलिंग और धोखाधड़ी जैसे गंभीर आरोप लगाए थे। कारोबारी का दावा था कि डीएसपी ने पहले उसे प्रेम संबंध में फंसाया और फिर शादी का झांसा देकर उससे करोड़ों रुपये, महंगी गाड़ी और कीमती गहने लिए।
वहीं, कल्पना वर्मा ने इन आरोपों को खारिज करते हुए दावा किया था कि टंडन ने सोशल मीडिया से उनकी तस्वीरें लेकर फर्जी चैट तैयार की थीं। उन्होंने इस मामले में कानूनी कार्रवाई करने की बात कही थी। उनका आरोप था कि कारोबारी पैसे वापस नहीं कर पा रहा था, इसलिए उनके खिलाफ इस तरह के आरोप लगाए गए।
इस विवाद की जांच रिपोर्ट गृह विभाग को भेजे जाने की बात भी सामने आई थी। रिपोर्ट में डीएसपी पर विभाग की गोपनीय जानकारी साझा करने का आरोप लगाए जाने का जिक्र किया गया था। फिलहाल पुलिस दीपक टंडन के खिलाफ दर्ज मामले में डिजिटल साक्ष्यों और अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।



