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अभिषेक बनर्जी के घर आधी रात हमला: जन्मदिन के पोस्टर लगाने पर विवाद, भाजपा-TMC समर्थकों में झड़प; सांसद धरने पर बैठे

दिल्ली। पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद अभिषेक बनर्जी (Abhishek) के घर के बाहर शुक्रवार देर रात विवाद हो गया। अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाया कि रात करीब 2 बजे भाजपा समर्थक हथियार लेकर उनके घर में घुसे और पत्थरबाजी की।

घटना के वक्त उनका जन्मदिन था। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर घटना के वीडियो शेयर करते हुए इसे अपनी जान लेने की साजिश बताया और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की।

घटना के बाद अभिषेक बनर्जी अपने समर्थकों के साथ कोलकाता के कालीघाट स्थित आवास के बाहर धरने पर बैठ गए। इस दौरान भाजपा और TMC समर्थकों के बीच झड़प हो गई। इसमें महिलाओं समेत कई लोगों के घायल होने की खबर है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और इलाके में बैरिकेडिंग कर अतिरिक्त बल तैनात किया।

हालांकि, घटना को लेकर दोनों दलों के आरोप अलग-अलग हैं। TMC समर्थकों का कहना है कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने पत्थर और लोहे की छड़ों से हमला किया, जबकि भाजपा ने इन आरोपों को खारिज करते हुए दावा किया कि उसके कार्यकर्ताओं पर पहले हमला किया गया।

जन्मदिन के पोस्टर लगाने को लेकर शुरू हुआ विवाद

जानकारी के मुताबिक, अभिषेक बनर्जी के कालीघाट स्थित आवास के बाहर उनके जन्मदिन की तैयारियां चल रही थीं। समर्थक घर के बाहर बैनर और पोस्टर लगा रहे थे। इसी दौरान भाजपा और TMC कार्यकर्ताओं के बीच कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और दोनों पक्षों के बीच नारेबाजी के साथ धक्का-मुक्की और पत्थरबाजी होने लगी।

TMC समर्थकों का आरोप है कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने उनके पोस्टर और बैनर फाड़े। विरोध करने पर लाठी-डंडों और पत्थरों से हमला किया गया। दूसरी तरफ भाजपा समर्थकों का कहना है कि वे कालीघाट में काली प्रतिमाएं खरीदने जा रहे थे। इसी दौरान TMC कार्यकर्ताओं ने उन्हें निशाना बनाया। भाजपा ने अभिषेक के आरोपों को खारिज करते हुए पूरे घटनाक्रम को राजनीतिक विवाद बताया।

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, शुक्रवार देर रात से शनिवार तड़के करीब 2 बजे से 3:30 बजे के बीच हुई झड़पों में आठ लोगों के घायल होने की सूचना है। इनमें तीन लोगों को गंभीर चोटें आने की बात कही गई। पुलिस ने स्थिति नियंत्रित करने के लिए मौके पर अतिरिक्त बल तैनात किया। कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया गया। हालांकि, पुलिस ने शुरुआती स्तर पर किसी राजनीतिक दल को हमले के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया।

अभिषेक बोले- मेरी हत्या की पहले से थी साजिश

घटना के बाद अभिषेक बनर्जी (Abhishek)  खुद घर से बाहर निकले और पुलिस तथा मौके पर मौजूद लोगों से बहस की। उन्होंने आरोप लगाया कि हमलावर पहले से तैयारी करके आए थे। उनके पास हथियार थे और उनका इरादा सिर्फ हंगामा करना नहीं, बल्कि उनकी जान लेना था।

अभिषेक ने मीडिया से बातचीत में अपने घायल समर्थकों का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि उनके एक सहयोगी तपस के हाथ में गंभीर चोट आई है। डॉक्टरों ने उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया। एक अन्य व्यक्ति की आंख के नीचे की हड्डी में फ्रैक्चर होने की बात भी उन्होंने कही।

TMC सांसद ने आरोप लगाया कि पूरी घटना पुलिस की मौजूदगी में हुई, लेकिन हमलावरों को रोकने के लिए प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने दावा किया कि पिछले छह महीने में उनकी जान लेने की यह सातवीं कोशिश है। हालांकि, यह उनका व्यक्तिगत आरोप है, जिसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

पुलिस और अदालतों की भूमिका पर उठाए सवाल

अभिषेक बनर्जी ने घटना को लेकर कोलकाता पुलिस के साथ-साथ कलकत्ता हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब एक निर्वाचित सांसद के घर के बाहर इस तरह की घटना हो सकती है, तो आम लोगों की सुरक्षा का अंदाजा लगाया जा सकता है।

उन्होंने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा कर पूरे मामले की जांच कराने की मांग की। उनका आरोप है कि पुलिस की मौजूदगी में पत्थरबाजी और मारपीट हुई, लेकिन समय रहते हिंसा रोकने के लिए जरूरी कदम नहीं उठाए गए।

अभिषेक ने कहा कि घटना से जुड़े वीडियो सार्वजनिक किए जाएंगे, ताकि लोगों को पूरे मामले की जानकारी मिल सके। उन्होंने आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की।

हमले से पहले दो दिन तक घर और दफ्तर की रेकी का आरोप

इस घटना से पहले अभिषेक बनर्जी ने शुक्रवार को X पर एक पोस्ट कर अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि पिछले दो दिनों से कुछ अज्ञात लोग मोटरसाइकिल से उनके घर और कार्यालय के आसपास घूम रहे थे। वे लगातार उनकी गतिविधियों पर नजर रख रहे थे।

अभिषेक के मुताबिक, जब इन लोगों से पूछताछ की गई तो उन्होंने खुद को पुलिसकर्मी बताया। सांसद ने मोटरसाइकिल का रजिस्ट्रेशन नंबर भी सोशल मीडिया पर साझा किया था। उन्होंने सवाल उठाया था कि एक निर्वाचित सांसद के घर और दफ्तर की निगरानी किसके आदेश पर की जा रही है।

उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, कोलकाता पुलिस, केंद्रीय गृह मंत्रालय और पश्चिम बंगाल पुलिस से मामले की जांच कराने की मांग की थी। अभिषेक ने इन लोगों की पहचान और उनके पीछे मौजूद लोगों का पता लगाने की भी मांग की थी।

पहले भी हो चुके हैं अभिषेक पर हमले के आरोप

अभिषेक बनर्जी (Abhishek)  ने दावा किया है कि पिछले छह महीनों में उनकी जान लेने की सात कोशिशें हो चुकी हैं। इससे पहले भी उनके कार्यक्रमों और आवास के आसपास विवाद की घटनाएं सामने आई थीं।

मई में सोनारपुर में उनके काफिले के आसपास अंडे और पत्थर फेंके जाने का आरोप लगा था। इसके बाद जून-जुलाई में भी उनके आवास के गेट पर पत्थर फेंके जाने की शिकायत सामने आई थी।

इन घटनाओं को लेकर TMC लगातार सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाती रही है। हालांकि, अलग-अलग घटनाओं में लगाए गए आरोपों और उनकी जांच की स्थिति को अलग-अलग देखना जरूरी है।

अक्टूबर में सुरक्षा घटाने का मामला भी उठा था

अक्टूबर 2026 में अभिषेक बनर्जी की सुरक्षा कम किए जाने का मामला कलकत्ता हाईकोर्ट पहुंचा था। उनके वकील ने अदालत में दावा किया था कि सुरक्षा घटाए जाने के बाद उनके साथ चार घटनाएं हुई हैं। इस पर अदालत ने राज्य सरकार से सुरक्षा कम करने के फैसले को लेकर जवाब मांगा था।

अब जन्मदिन की रात उनके आवास के बाहर हुई झड़प के बाद सुरक्षा का मुद्दा फिर चर्चा में आ गया है। फिलहाल पुलिस ने कालीघाट इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी है। हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ की जा रही है। भाजपा और TMC दोनों एक-दूसरे पर हिंसा शुरू करने का आरोप लगा रहे हैं। ऐसे में जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि रात के विवाद में किसकी क्या भूमिका थी।

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