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Chhattisgarh

रायगढ़ में रेत की कीमतों में आई बड़ी गिरावट, 5 खदानें शुरू; 3000 से घटकर 1200-1500 रुपये हुआ ट्रैक्टर का रेट

रायगढ़। करीब दो साल से रेत की किल्लत और मनमाने दामों से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। रायगढ़ जिले में पांच रेत खदानों में उत्खनन शुरू हो गया है। इसके साथ ही बाजार में रेत की उपलब्धता बढ़ने लगी है और कीमतों में भी बड़ी गिरावट देखने को मिल रही है। पहले जिस रेत के एक ट्रैक्टर के लिए लोगों को 2500 से 3000 रुपये तक चुकाने पड़ रहे थे, अब उसकी कीमत घटकर करीब 1200 से 1500 रुपये तक पहुंच गई है। खदानें शुरू होने से आम लोगों के साथ ही मकान निर्माण कराने वाले लोगों को भी राहत मिलने की उम्मीद है।

दरअसल, पिछले करीब दो वर्षों से रायगढ़ जिले में रेत की खदानों का संचालन प्रभावित था। नई नीलामी नीति के अभाव में लंबे समय तक खदानें शुरू नहीं हो पाईं। बाद में नई नीति आने के बाद रेत खदानों की ई-नीलामी प्रक्रिया शुरू की गई, लेकिन नीलामी के बाद भी कई कारणों से खदानों का संचालन अटक गया। इस दौरान जिले में रेत की उपलब्धता कम हो गई और बाजार में इसकी कीमतें लगातार बढ़ती चली गईं।

दो साल तक रेत की किल्लत से परेशान रहे लोग

रेत की खदानें बंद रहने के कारण जिले में निर्माण कार्यों पर भी असर पड़ा। घर बनाने वाले लोगों से लेकर छोटे ठेकेदारों तक को रेत खरीदने के लिए अधिक कीमत चुकानी पड़ रही थी। कई जगहों पर ट्रैक्टर रेत के दाम 2500 से 3000 रुपये तक पहुंच गए थे। लोगों को जरूरत के मुताबिक रेत नहीं मिल पा रही थी और मजबूरी में ऊंचे दामों पर खरीदारी करनी पड़ रही थी।

इस दौरान जिले में अवैध रेत कारोबार और मनमानी कीमतों की शिकायतें भी सामने आती रहीं। एक खदान उसरौट में किसी तरह शुरू हुई थी, लेकिन पहले तकनीकी खामियों और बाद में मानसून के दौरान उत्खनन पर प्रतिबंध के कारण इसका संचालन बंद हो गया। ऐसे में जिले में रेत की समस्या लंबे समय तक बनी रही।

अब पांच खदानों को भू-प्रवेश की अनुमति मिलने और वहां उत्खनन शुरू होने के बाद स्थिति बदलने लगी है। इससे बाजार में रेत की आपूर्ति बढ़ने की संभावना है।

इन पांच खदानों में शुरू हुआ रेत का उत्खनन

जिला प्रशासन की ओर से जिन पांच रेत खदानों को भू-प्रवेश की अनुमति जारी की गई है, उनमें लेबड़ा, बरभौना, जवलपुर, सहसपुरी और उसरौट शामिल हैं। इन खदानों में वैध तरीके से उत्खनन शुरू हो चुका है। खदानों में रॉयल्टी कटना भी शुरू हो गया है, जिससे अब रेत की आपूर्ति व्यवस्थित तरीके से होने की उम्मीद है।

इन खदानों के शुरू होने से जिले में रेत की उपलब्धता बढ़ेगी। इसका सीधा असर बाजार की कीमतों पर पड़ने लगा है। लंबे समय से महंगी रेत खरीदने को मजबूर लोगों को अब कम कीमत पर रेत मिलने लगी है।

3000 से घटकर 1200-1500 रुपये हुआ ट्रैक्टर का रेट

रेत खदानों के बंद रहने के दौरान बाजार में एक ट्रैक्टर रेत की कीमत 2500 से 3000 रुपये तक पहुंच गई थी। लेकिन पांच खदानों में उत्खनन शुरू होने के बाद कीमतों में गिरावट आई है। अब एक ट्रैक्टर रेत का बाजार भाव करीब 1200 से 1500 रुपये बताया जा रहा है।

स्थितिप्रति ट्रैक्टर रेत की कीमत
खदानें बंद रहने के दौरान2500-3000 रुपये
खदानें शुरू होने के बाद1200-1500 रुपये

कीमतों में आई इस कमी से घर बनाने और अन्य निर्माण कार्य कराने वाले लोगों को बड़ी राहत मिल सकती है। हालांकि, वास्तविक बाजार भाव स्थान, परिवहन दूरी और आपूर्ति के आधार पर अलग-अलग हो सकता है।

पांच और रेत खदानें जल्द होंगी शुरू

जिले में रेत की उपलब्धता और बढ़ाने के लिए पांच अन्य खदानों को भी शुरू करने की तैयारी चल रही है। इनमें बायसी, औराभांठा सहित तीन अन्य खदानें शामिल हैं। इन खदानों के संचालन के लिए बैंक गारंटी और पंजीयन से जुड़ी प्रक्रिया लगभग पूरी होने की जानकारी दी गई है।

अधिकारियों के मुताबिक, दीपावली के बाद इन खदानों को भी भू-प्रवेश की अनुमति जारी किए जाने की संभावना है। यदि ये पांच खदानें भी शुरू हो जाती हैं, तो जिले में रेत की आपूर्ति और बेहतर हो सकती है। इससे कीमतों में स्थिरता आने और अवैध रेत कारोबार पर नियंत्रण लगाने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।

जिला खनिज अधिकारी ने दी जानकारी

जिला खनिज अधिकारी रमाकांत सोनी के मुताबिक, रायगढ़ जिले की पांच रेत खदानों को भू-प्रवेश की अनुमति जारी कर दी गई है और वहां उत्खनन शुरू हो चुका है। इसके अलावा पांच अन्य खदानों के संचालन की प्रक्रिया भी आगे बढ़ रही है। इन खदानों के लिए बैंक गारंटी और पंजीयन से जुड़ी कार्रवाई लगभग पूरी हो चुकी है। दीपावली के बाद इनके भी शुरू होने की संभावना है।

कुल मिलाकर, रायगढ़ जिले में पांच रेत खदानों का संचालन शुरू होना आम लोगों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है। करीब दो साल से रेत की कमी और बढ़ी हुई कीमतों से जूझ रहे लोगों को अब सस्ती रेत मिलने लगी है। आने वाले दिनों में पांच और खदानें शुरू होने से बाजार में आपूर्ति बढ़ने की उम्मीद है। ऐसे में लोगों को राहत मिलने के साथ ही निर्माण कार्यों की लागत पर भी सकारात्मक असर पड़ सकता है।

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Shruti Jangde

With over 6 years of experience in the media industry, I specialize in news anchoring, copywriting, and digital journalism. I cover a wide range of news, delivering accurate, unbiased, and fact-based reporting. Passionate about bringing the truth to the public, I am committed to ethical journalism and credible storytelling. My goal is to inform, inspire, and make a meaningful impact through responsible reporting.

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