यूपी की 3 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव का इंतजार, घोसी सीट को लेकर बढ़ा सस्पेंस

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की घोसी, दुद्धी और फरीदपुर विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव को लेकर सस्पेंस लगातार गहराता जा रहा है। तीनों सीटें अपने-अपने विधायकों के निधन के कारण खाली हैं, लेकिन चुनाव आयोग ने अब तक उपचुनाव की तारीखों का ऐलान नहीं किया है। इनमें सबसे ज्यादा चर्चा मऊ जिले की घोसी विधानसभा सीट को लेकर हो रही है, क्योंकि इस सीट को रिक्त हुए लगभग छह महीने पूरे हो चुके हैं।
घोसी सीट समाजवादी पार्टी के विधायक सुधाकर सिंह के निधन के बाद 20 नवंबर 2025 को खाली हुई थी। वहीं, बरेली की फरीदपुर सीट भाजपा विधायक प्रोफेसर श्याम बिहारी लाल और सोनभद्र की दुद्धी सीट समाजवादी पार्टी विधायक विजय सिंह के निधन के बाद रिक्त हुई थीं। विधानसभा सचिवालय ने तीनों सीटों के रिक्त होने की सूचना चुनाव आयोग को भेज दी थी।
आमतौर पर कानून के अनुसार किसी विधानसभा सीट के रिक्त होने के छह महीने के भीतर उपचुनाव कराया जाना चाहिए। इसके बावजूद अब तक चुनाव कार्यक्रम घोषित नहीं होने से राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।
सूत्रों के मुताबिक, उपचुनाव में देरी की एक वजह मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) माना जा रहा है। हालांकि चुनाव आयोग 10 अप्रैल को अंतिम मतदाता सूची जारी कर चुका है, लेकिन इसके बाद भी उपचुनाव को लेकर कोई घोषणा नहीं हुई है।
जनप्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 151ए के अनुसार रिक्त सीटों पर सामान्यतः छह महीने के भीतर उपचुनाव कराया जाना आवश्यक है। हालांकि विधानसभा का शेष कार्यकाल एक वर्ष से कम होने या विशेष परिस्थितियों में चुनाव टाला जा सकता है। लेकिन उत्तर प्रदेश विधानसभा का कार्यकाल मई 2027 तक है, ऐसे में इन सीटों पर उपचुनाव कराना जरूरी माना जा रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि चुनाव आयोग को उपचुनाव में हो रही देरी को लेकर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए, ताकि किसी तरह की आशंका या भ्रम की स्थिति न बने।
फिलहाल प्रदेश की इन तीन महत्वपूर्ण विधानसभा सीटों पर सभी की निगाहें चुनाव आयोग के अगले फैसले पर टिकी हुई हैं।

