मणिपुर में मुठभेड़ के दौरान घायल होकर भी दुश्मनों को किया ढेर, CG के भोजराम साहू को मिला शौर्य चक्र

दिल्ली। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के ग्राम ढोरीठेमा निवासी असम राइफल्स के जवान भोजराम साहू को उनकी अदम्य वीरता, साहस और कर्तव्यपरायणता के लिए शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान उन्हें राष्ट्रपति भवन, नई दिल्ली में आयोजित समारोह के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु द्वारा प्रदान किया गया। इस उपलब्धि से पूरे छत्तीसगढ़ में गर्व और उत्साह का माहौल है।
जानकारी के अनुसार, भोजराम साहू को वर्ष 2024 में मणिपुर के टेंगनौपाल क्षेत्र में आतंकियों के खिलाफ चलाए गए एक बड़े अभियान के दौरान दिखाए गए साहस के लिए यह सम्मान मिला है। उस दौरान सुरक्षाबलों पर घात लगाकर हमला किया गया था, जिसमें स्थिति बेहद चुनौतीपूर्ण हो गई थी। बावजूद इसके भोजराम साहू ने मोर्चा संभाले रखा और दुश्मनों के खिलाफ मजबूती से जवाबी कार्रवाई की।
गोली लगने के बाद भी नहीं डिगे साहस से
मुठभेड़ के दौरान भोजराम साहू को गोली भी लगी, लेकिन उन्होंने घायल अवस्था में भी अपना मोर्चा नहीं छोड़ा। वे लगातार ऑपरेशन में सक्रिय रहे और आतंकियों को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी बहादुरी और धैर्य ने पूरे ऑपरेशन को सफल बनाने में अहम योगदान दिया।
पूरे छत्तीसगढ़ में गर्व का माहौल
शौर्य चक्र मिलने के बाद बालोद जिले सहित पूरे छत्तीसगढ़ में खुशी की लहर है। स्थानीय प्रशासन और नागरिकों ने उन्हें इस उपलब्धि पर बधाई दी है। जानकारी के अनुसार, दिल्ली से लौटने के बाद राज्य के गृह मंत्री विजय शर्मा भी बालोद पहुंचकर उनका विशेष सम्मान करेंगे।
सुरक्षा बलों के लिए प्रेरणा बना सम्मान
पुलिस अधीक्षक योगेश पटेल ने कहा कि भोजराम साहू का यह सम्मान पूरे सुरक्षा बलों के लिए गर्व का क्षण है। यह उपलब्धि न केवल जवानों के मनोबल को बढ़ाएगी बल्कि आने वाली पीढ़ी के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगी।

