केरल और कर्नाटक में वित्तीय मामलों की जांच तेज
वीणा विजयन और एन ए हारिस के बेटों को समन जारी

नई दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय ने दक्षिण भारत में चल रही दो अलग-अलग वित्तीय अनियमितताओं की जांच के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए केरल(Kerala) और कर्नाटक से जुड़े मामलों में संबंधित व्यक्तियों को पूछताछ के लिए समन जारी किया है। इन कार्रवाइयों के बाद दोनों राज्यों की राजनीतिक परिस्थितियों में हलचल देखी जा रही है।
केरल(Kerala) से जुड़े मामले में मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन की बेटी टी. वीणा विजयन को मनी लॉन्ड्रिंग से संबंधित जांच के सिलसिले में तलब किया गया है। यह मामला एक निजी खनन कंपनी और आईटी क्षेत्र से जुड़ी फर्म के बीच हुए संदिग्ध वित्तीय लेन-देन से संबंधित बताया जा रहा है। जांच एजेंसियां लंबे समय से इस ट्रांजैक्शन की कड़ियों को खंगाल रही थीं।
इसी क्रम में कर्नाटक में कांग्रेस विधायक एन. ए. हारिस के दो पुत्रों को भी नोटिस जारी किया गया है। उन पर क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े कथित वित्तीय लेन-देन में अनियमितता और अवैध धन को वैध बनाने की प्रक्रिया में शामिल होने के आरोप हैं। जांच एजेंसी के अनुसार, डिजिटल वॉलेट और क्रिप्टो ट्रांजैक्शन से जुड़े कुछ संदिग्ध पैटर्न सामने आए हैं, जिनकी विस्तृत जांच की जा रही है।
सूत्रों के अनुसार, केरल(Kerala) के दोनों मामलों में एजेंसी का फोकस बैंक रिकॉर्ड, डिजिटल ट्रांजैक्शन डेटा और क्रिप्टो नेटवर्क के जरिए हुए फंड मूवमेंट की जांच पर केंद्रित है। पूछताछ के दौरान संबंधित वित्तीय लेन-देन और धन के स्रोतों को लेकर विस्तृत जानकारी जुटाई जाएगी।
दूसरी ओर, इन कार्रवाइयों को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। कुछ दलों ने इसे जांच एजेंसियों की नियमित प्रक्रिया बताया है, जबकि विपक्षी दलों का आरोप है कि इन कार्रवाइयों का उपयोग राजनीतिक दबाव बनाने के लिए किया जा रहा है।

