पेपर लीक पर संसद में अखिलेश यादव का सरकार पर हमला, बोले- शिक्षा की नींव पर हो रहा हमला

नई दिल्ली। लोकसभा में सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 पर चर्चा के दौरान समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और सांसद अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार शिक्षा व्यवस्था को कमजोर कर रही है और पेपर लीक जैसे मामलों को रोकने में विफल रही है।
अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री का इस्तीफा लेकर प्रधानमंत्री को बचाने की कोशिश की है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि शायद इसी वजह से भाजपा सांसद उनका स्वागत कर रहे थे।
राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि जो लोग चढ़ावे की चोरी नहीं रोक सके, वे पेपर लीक कैसे रोकेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की मंशा शिक्षा व्यवस्था में सुधार करने की नहीं है और बड़ी संख्या में प्राथमिक स्कूल बंद कर दिए गए हैं।
संसद में अखिलेश यादव की प्रमुख बातें
- सरकार सिर्फ वादे करती है, लेकिन काम नहीं दिखता।
- शिक्षा की बुनियाद कमजोर की जा रही है और प्राथमिक स्कूल बंद किए जा रहे हैं।
- सरकार बताए कि एनटीए से किन अधिकारियों को हटाया गया और उन्हें वहां कैसे नियुक्त किया गया था।
- 10वीं और 12वीं के पेपर लीक की घटनाओं पर भी सरकार को जवाब देना चाहिए।
- नीट पेपर लीक मामले में जान गंवाने वाले छात्रों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा देने की मांग की।
‘इमरजेंसी से भी बदतर हैं हालात’
अखिलेश यादव ने कहा कि उन्होंने इमरजेंसी का दौर नहीं देखा, लेकिन मौजूदा परिस्थितियां उससे भी अधिक गंभीर हैं। उन्होंने पुलिस कार्रवाई और कथित अत्याचारों को लेकर भी सरकार को घेरा।
उन्होंने उत्तर प्रदेश में जौहर यूनिवर्सिटी पर हो रही कार्रवाई और राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी का भी उल्लेख करते हुए सरकार पर कई सवाल उठाए।

