झीरम हत्याकांड: NIA कोर्ट में दोनों पक्षों की दलील पूरी, आज 4:30 बजे सुनाई जाएगी सजा

जगदलपुर। बहुचर्चित झीरम हत्याकांड मामले में अभियोजन और बचाव पक्ष की ओर से NIA कोर्ट में अपनी-अपनी दलीलें पूरी कर ली गई हैं। ‘रेयरेस्ट ऑफ रेयर’ श्रेणी में रखे गए इस मामले में NIA कोर्ट के न्यायाधीश अजय सिंह राजपूत आज शाम 4:30 बजे दोषियों की सजा का ऐलान करेंगे। दोषी ठहराए गए आरोपियों को क्या सजा मिलती है, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
अभियोजन ने मांगी अधिकतम सजा
अभियोजन पक्ष ने अदालत में दलील दी कि झीरम हत्याकांड में 27 लोगों की मौत हुई थी, जिनमें राजनीतिक नेता, सुरक्षा कर्मी और आम नागरिक शामिल थे। अभियोजन के मुताबिक, हमला अचानक नहीं हुआ था, बल्कि इसके पीछे पूर्व नियोजित षड्यंत्र, रेकी और पूरी योजना थी। जानबूझकर गोलीबारी की गई और हमले में घायल लोगों के साथ उनके परिवारों को भी गंभीर नुकसान उठाना पड़ा।
अभियोजन ने दोषियों के लिए मृत्युदंड या न्यूनतम आजीवन कारावास की मांग की। अभियोजन के सहयोगी अधिवक्ता संजय शुक्ला ने कहा कि आरोपियों को उन पर लगाई गई धाराओं के तहत सजा दी जानी चाहिए।
अभियोजन ने यह भी सवाल उठाया कि यदि आरोपी नक्सलियों के दबाव में काम करने का दावा कर रहे हैं, तो इसके समर्थन में कोई गवाह अदालत के सामने क्यों पेश नहीं किया गया। साथ ही दलील दी गई कि नक्सलियों तक राशन पहुंचाने से उन्हें मदद और ताकत मिली, जिससे अपराध की योजना को अंजाम देने में सहायता मिली।
बचाव पक्ष ने किया मृत्युदंड का विरोध
दूसरी ओर, बचाव पक्ष के अधिवक्ता अरविंद चौधरी ने मृत्युदंड दिए जाने का विरोध किया। उन्होंने अदालत में कहा कि आरोपी करीब 12 वर्षों से सजा भुगत रहे हैं, उनके पास से कोई हथियार बरामद नहीं हुआ है और वे ग्रामीण पृष्ठभूमि से आते हैं।
बचाव पक्ष ने दलील दी कि आरोपी नक्सलियों के दबाव में काम कर रहे थे और उन्हें सुधार का अवसर दिया जाना चाहिए। अधिवक्ता ने अदालत से न्यूनतम सजा देने और अब तक जेल में बिताई गई अवधि को ध्यान में रखते हुए आगे की सजा में राहत देने की मांग की।
अब अदालत के फैसले पर सभी की नजरें टिकी हैं।



