मई में म्यूचुअल फंड निवेशकों की सतर्कता बढ़ी, इक्विटी फंड में निवेश 40% घटा; डेट फंड्स से बड़ी निकासी

नई दिल्ली। शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच मई 2026 में म्यूचुअल फंड निवेशकों ने अपेक्षाकृत सतर्क रुख अपनाया। एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (AMFI) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, इक्विटी म्यूचुअल फंड्स में शुद्ध निवेश अप्रैल के मुकाबले 40% घटकर 22,907 करोड़ रुपये रह गया।
अप्रैल में इक्विटी फंड्स में रिकॉर्ड 38,440 करोड़ रुपये का निवेश आया था। हालांकि, सालाना आधार पर तस्वीर सकारात्मक रही और मई 2025 की तुलना में निवेश में करीब 20% की वृद्धि दर्ज की गई।
फ्लेक्सी कैप फंड बने निवेशकों की पहली पसंद
मई में फ्लेक्सी कैप फंड्स ने सबसे अधिक 5,175 करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित किया। वहीं, स्मॉल कैप फंड्स में 4,945 करोड़ रुपये और मिड कैप फंड्स में 4,385 करोड़ रुपये का निवेश आया।
हालांकि, अप्रैल की तुलना में स्मॉल कैप फंड्स में निवेश 28% और मिड कैप फंड्स में 33% कम रहा। लार्ज कैप फंड्स में भी निवेश घटकर 1,592 करोड़ रुपये रह गया।
डेट फंड्स से निकले करीब 97 हजार करोड़ रुपये
मई में सबसे बड़ी चिंता डेट म्यूचुअल फंड्स से भारी निकासी रही। इस श्रेणी से कुल 96,948 करोड़ रुपये की शुद्ध निकासी दर्ज की गई।
सबसे अधिक निकासी:
- लिक्विड फंड्स: 29,680 करोड़ रुपये
- मनी मार्केट फंड्स: 24,691 करोड़ रुपये
- ओवरनाइट फंड्स: 15,524 करोड़ रुपये
वहीं, क्रेडिट रिस्क फंड्स एकमात्र ऐसी श्रेणी रही, जिसमें 49.46 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश आया।
हाइब्रिड फंड्स में भी कम हुआ निवेश
इक्विटी और डेट दोनों में निवेश करने वाले हाइब्रिड फंड्स में निवेश 49% घटकर 10,560 करोड़ रुपये रह गया।
इस श्रेणी में:
- आर्बिट्राज फंड्स: 5,697 करोड़ रुपये
- मल्टी-एसेट एलोकेशन फंड्स: 3,928 करोड़ रुपये
ने सबसे ज्यादा निवेश आकर्षित किया।
गोल्ड ETF से भी निकासी
सुरक्षित निवेश माने जाने वाले गोल्ड ETF से मई में 725 करोड़ रुपये की निकासी हुई, जबकि अप्रैल में इसमें 3,040 करोड़ रुपये का निवेश आया था।
कुल AUM में मामूली गिरावट
मई में ओपन-एंडेड म्यूचुअल फंड्स से कुल 62,848 करोड़ रुपये की शुद्ध निकासी दर्ज की गई। इसके चलते उद्योग का कुल एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) घटकर 81.38 लाख करोड़ रुपये रह गया, जो अप्रैल में 81.71 लाख करोड़ रुपये था।
इस बीच, मई में लॉन्च हुए 13 नए ओपन-एंडेड फंड्स (NFO) ने कुल 471 करोड़ रुपये जुटाए, जिनमें मोतीलाल ओसवाल कॉन्ट्रा फंड सबसे आगे रहा।

