पश्चिम बंगाल में मंत्रियों को मिले विभाग, मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने गृह और बिजली विभाग अपने पास रखे

पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार ने मंत्रिमंडल के गठन के बाद मंत्रियों के बीच विभागों का बंटवारा कर दिया है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने गृह, विधि एवं न्याय, भूमि एवं भू-राजस्व तथा विद्युत विभाग अपने पास ही रखे हैं। इसके अलावा भूमि सुधार, शरणार्थी राहत एवं पुनर्वास, सूचना एवं सांस्कृतिक मामले, कार्मिक और प्रशासनिक सुधार विभाग भी उनके अधीन रहेंगे।
सरकार में 13 कैबिनेट मंत्री, 22 राज्य मंत्री और 3 स्वतंत्र प्रभार वाले मंत्रियों को जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। स्वपन दासगुप्ता को वित्त मंत्री बनाया गया है। दीपक बर्मन को स्कूल शिक्षा विभाग और जगन्नाथ चटर्जी को उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग की जिम्मेदारी मिली है। शंकर घोष को पर्यटन विभाग सौंपा गया है।
डॉ. शरदवत मुखर्जी को स्वास्थ्य मंत्री बनाया गया है, जबकि मनोज कुमार ओराव को वन एवं पर्यावरण विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। गौरी शंकर घोष को पिछड़ा वर्ग विकास, जन शिक्षा विस्तार और पुस्तकालय सेवा विभाग मिला है।
अरूप कुमार दास को सिंचाई विभाग, डॉ. कल्याण चक्रवर्ती को खाद्य प्रसंस्करण, बागवानी, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, जैव प्रौद्योगिकी और सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। अजय कुमार पोद्दार को लोक निर्माण और सार्वजनिक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग दिया गया है।
अर्जुन सिंह को श्रम एवं परिवहन मंत्री बनाया गया है, जबकि अशोक डिंडा को कृषि विपणन, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम और कपड़ा विभाग सौंपा गया है।
स्वतंत्र प्रभार वाले मंत्रियों में मालती रावा रॉय को महिला एवं बाल विकास और समाज कल्याण विभाग, डॉ. इंद्रानील खान को युवा सेवा एवं खेल विभाग तथा राजेश महता को पशु संसाधन विकास एवं मत्स्य पालन विभाग की जिम्मेदारी दी गई है।



