दिल्ली में JPC की बैठक, सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने रखे अहम सुझाव
30 दिन से अधिक न्यायिक हिरासत पर पद छोड़ने का प्रावधान चर्चा में

नई दिल्ली। देश में प्रस्तावित कुछ महत्वपूर्ण संवैधानिक और प्रशासनिक बदलावों को लेकर गठित संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) की बैठक बुधवार को नई दिल्ली में आयोजित की गई। इस बैठक में रायपुर सांसद(Member of Parliament) बृजमोहन अग्रवाल ने हिस्सा लिया और विभिन्न मुद्दों पर अपने सुझाव साझा किए।
सचिवालय में प्रस्तावित विधेयकों के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा हुई
दिल्ली सचिवालय में आयोजित इस बैठक में समिति के अन्य सदस्यों, केंद्र और दिल्ली सरकार के अधिकारियों के साथ प्रस्तावित विधेयकों के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई। बैठक का उद्देश्य इन प्रस्तावों को लेकर अलग-अलग पक्षों की राय जानना और सुझाव जुटाना था।
अध्ययन दौरे के दौरान समिति ने विधि विशेषज्ञों, शिक्षण संस्थानों, बार एसोसिएशनों, शोध संस्थानों और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों से भी चर्चा की। इन बैठकों में प्रशासनिक व्यवस्था, जनप्रतिनिधित्व और शासन प्रणाली से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श किया गया।
दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता ने की समिति के सदस्यों से मुलाकात
बैठक के बाद सांसद(Member of Parliament) बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि समिति देशभर से सुझाव एकत्र कर रही है ताकि भविष्य में लिए जाने वाले फैसलों में सभी पक्षों की राय शामिल हो सके। उन्होंने बताया कि अब तक कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधियों से चर्चा की जा चुकी है और यह प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी।दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी समिति के सदस्यों से मुलाकात की और प्रस्तावित बदलावों को लेकर अपने सुझाव रखे। समिति ने इन सुझावों पर भी विचार करने की बात कही है।
सांसद(Member of Parliament) बृजमोहन अग्रवाल ने चर्चा के दौरान बताया कि प्रस्तावित विधेयकों का उद्देश्य सार्वजनिक जीवन में जवाबदेही बढ़ाना और व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाना है। उन्होंने कहा कि कुछ प्रावधान ऐसे भी हैं जिनका मकसद जनप्रतिनिधियों के लिए जवाबदेही के मानकों को और सख्त करना है।
समिति की ओर से जुटाए गए सभी सुझावों और चर्चाओं के आधार पर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी, जिसे आगामी दिनों में लोकसभा अध्यक्ष को सौंपा जाएगा। इसके बाद इन प्रस्तावों पर आगे की प्रक्रिया तय होगी।

