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छत्तीसगढ़ के सरगुजा में है ‘म्यूजिक वाला पत्थर’, सुनकर लोग रह जाते हैं हैरान

ठीनठिनी पत्थर, आज भी वैज्ञानिकों के लिए बना हुआ है पहेली

अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में एक ऐसा पत्थर(Stone) मौजूद है, जो अपनी अनोखी आवाजों के कारण लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। अंबिकापुर से करीब 22 किलोमीटर दूर छिंदकालो गांव में स्थित इस पत्थर को स्थानीय लोग “ठीनठिनी पत्थर” के नाम से जानते हैं। दरिमा एयरपोर्ट के पीछे स्थित इस जगह पर बड़े पत्थर को छोटे पत्थर से ठोकने पर अलग-अलग तरह की ध्वनियां सुनाई देती हैं।

पत्थर से निकलती है पांच तरह की आवाजें

स्थानीय लोगों के मुताबिक, इस पत्थर(Stone) से घंटी, घड़े और धातु जैसी करीब पांच तरह की आवाजें निकलती हैं। इसी वजह से इसे ठीनठिनी पत्थर कहा जाता है। इस अनोखे पत्थर को देखने और इसकी आवाजें सुनने के लिए छत्तीसगढ़ समेत दूसरे राज्यों से भी लोग पहुंचते हैं। मैनपाट जाने वाले पर्यटक भी रास्ते में यहां रुककर इस जगह को देखने आते हैं।

भगवान राम के स्पर्श के कारण बना ठीनठिनी अनोखा

इस पत्थर(Stone) को लेकर स्थानीय लोगों की धार्मिक मान्यताएं भी जुड़ी हुई हैं। ग्रामीणों का कहना है कि वनवास के दौरान भगवान राम यहां आए थे और उनके स्पर्श के कारण ही इस पत्थर में यह विशेषता आई। हालांकि, पुरातत्व और वैज्ञानिक दृष्टिकोण इससे अलग है।

वैज्ञानिकों ने इस पत्थर(Stone) पर कई बार अध्ययन किया है, लेकिन अब तक इसकी खास ध्वनियों के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। कुछ वैज्ञानिकों का मानना है कि यह पत्थर अंतरिक्ष से आया हो सकता है और संभव है कि यह किसी उल्कापिंड का हिस्सा हो। हालांकि, इस पत्थर से अलग-अलग आवाजें निकलने का रहस्य आज भी अनसुलझा बना हुआ है।प्राकृतिक रहस्य, स्थानीय मान्यताओं और वैज्ञानिक जिज्ञासा का केंद्र बना यह ठीनठिनी पत्थर आज भी लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है।

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