छत्तीसगढ़ में हाईराइज इमारतों के लिए नए फायर सेफ्टी नियम लागू,
15 मीटर से ऊंची बिल्डिंग में फायर सेफ्टी अफसर अनिवार्य

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने बहुमंजिला आवासीय और व्यावसायिक भवनों की सुरक्षा के लिए नए फायर सेफ्टी नियम लागू किए हैं। नई व्यवस्था के तहत 15 मीटर से अधिक ऊंचाई वाली सभी इमारतों(Buildings) में फायर सेफ्टी अफसर की नियुक्ति अनिवार्य कर दी गई है। यह अधिकारी भवन में मौजूद अग्नि सुरक्षा उपकरणों की निगरानी, नियमित जांच और मॉक ड्रिल की जिम्मेदारी संभालेगा।
बढ़ते शहरीकरण और ऊंची इमारतों की संख्या में वृद्धि को देखते हुए लिया फैसला
सरकार ने बढ़ते शहरीकरण और ऊंची इमारतों(Buildings) की संख्या में वृद्धि को देखते हुए राष्ट्रीय भवन संहिता (एनबीसी) के अनुरूप नई गाइडलाइन तैयार की है। इसका उद्देश्य आग लगने की घटनाओं के दौरान नुकसान को कम करना और लोगों की सुरक्षित निकासी सुनिश्चित करना है।
नई गाइडलाइन के तहत बहुमंजिला इमारतों(Buildings) में फायर डिटेक्शन सिस्टम, फायर अलार्म सिस्टम, इंटरनल हाइड्रेंट, ऑटोमैटिक स्प्रिंकलर सिस्टम, पोर्टेबल फायर एक्सटिंग्विशर, इमरजेंसी लाइट, एग्जिट साइन बोर्ड और पर्याप्त पानी की व्यवस्था अनिवार्य की गई है। इसके अलावा इलेक्ट्रिक और डीजल फायर पंप की सुविधा भी रखना आवश्यक होगा। सभी सुरक्षा उपकरणों के नियमित परीक्षण और रखरखाव के निर्देश दिए गए हैं।
ऊंचाई के आधार पर भवनों को चार श्रेणियों में किया विभाजित
सरकार ने भवनों को ऊंचाई के आधार पर चार श्रेणियों में विभाजित किया है। 15 मीटर तक की इमारतों में अग्निशामक यंत्र और सुरक्षित निकासी मार्ग अनिवार्य होंगे। 15 से 35 मीटर तक के भवनों में फायर अलार्म और अन्य सुरक्षा उपकरण लगाने होंगे। 35 से 60 मीटर ऊंची इमारतों में स्प्रिंकलर सिस्टम के साथ हर 15वीं मंजिल पर रिफ्यूज एरिया बनाना होगा। 60 मीटर से अधिक ऊंचे भवनों में फुल फायर सप्रेशन सिस्टम और अलग कंट्रोल रूम की व्यवस्था अनिवार्य की गई है।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा मानकों का पालन नहीं करने वाले भवनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। गंभीर लापरवाही पाए जाने पर संबंधित भवन को सील किया जा सकता है और उसका लाइसेंस भी निरस्त किया जा सकता है। भवन मालिकों, हाउसिंग सोसायटियों और कॉलोनाइजरों को सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
नई गाइडलाइन में आपात स्थिति के दौरान लिफ्ट का उपयोग नहीं करने, सीढ़ियों के जरिए बाहर निकलने, बुजुर्गों और दिव्यांगों को प्राथमिकता देने तथा सुरक्षित स्थान पर पहुंचने के बाद तुरंत फायर ब्रिगेड को सूचना देने के निर्देश भी शामिल किए गए हैं। साथ ही फायर अलार्म और अग्निशामक यंत्रों की मासिक जांच, फायर पंप की साप्ताहिक जांच और हाइड्रेंट सिस्टम की प्रत्येक तीन महीने में टेस्टिंग अनिवार्य की गई है।

