‘कॉकटेल 2’ में ऐली और ‘कॉकटेल’ की वेरोनिका एक जैसी नहीं, किरदारों की सोच और सफर में बड़ा अंतर

‘कॉकटेल 2’ की रिलीज के बाद सोशल मीडिया पर कृति सेनन के किरदार ऐली और दीपिका पादुकोण के प्रतिष्ठित किरदार वेरोनिका की तुलना की जा रही है। हालांकि दोनों किरदारों की परिस्थितियां पहली नजर में समान लग सकती हैं, लेकिन उनकी भावनात्मक यात्रा, फैसलों और कहानी में उनकी भूमिका के बीच बड़ा अंतर देखने को मिलता है।
साल 2012 में रिलीज हुई फिल्म Cocktail में वेरोनिका का किरदार एक बेफिक्र लेकिन बेहद भावुक युवती का था, जो अपने सच्चे प्यार को खोने के दर्द से गुजरती है। कहानी में उसका संघर्ष और त्याग दर्शकों को उसके साथ भावनात्मक रूप से जोड़ता है।
वहीं कॉकटेल 2 में ऐली का किरदार अलग परिस्थितियों में विकसित होता है। कहानी के अनुसार, ऐली अपनी दोस्त दीया और उसके मंगेतर कुणाल के रिश्ते से जुड़े घटनाक्रमों के बीच फंस जाती है। लेकिन जैसे-जैसे कहानी आगे बढ़ती है, उसके कई फैसले दोस्ती और विश्वास के सवाल खड़े करते हैं।

फिल्म में बैचलर पार्टी और शादी की तैयारियों से जुड़े कुछ दृश्य ऐसे हैं, जहां ऐली की चुप्पी और उसके व्यवहार को दर्शक अलग-अलग नजरिए से देख रहे हैं। यही वजह है कि कई दर्शकों को उसके किरदार से वह भावनात्मक जुड़ाव महसूस नहीं होता, जो वेरोनिका के साथ हुआ था।
इन दोनों किरदारों के अंतर की एक बड़ी वजह उनकी लेखन शैली भी मानी जा रही है। पहली कॉकटेल की कहानी में रिश्तों की जटिलताओं को संवेदनशील तरीके से प्रस्तुत किया गया था, जबकि कॉकटेल 2 में रिश्तों के भीतर असुरक्षा, गलतफहमियां और नैतिक उलझनें अधिक प्रमुखता से दिखाई गई हैं।
फिल्म में रश्मिका मंदाना के दीया और शाहिद कपूर के कुणाल के किरदार भी कहानी को प्रभावित करते हैं। कुणाल की असमंजस भरी भूमिका और दीया की असुरक्षाएं कई विवादों और भावनात्मक टकरावों को जन्म देती हैं।
यही कारण है कि दर्शकों का एक बड़ा वर्ग मानता है कि ऐली और वेरोनिका की तुलना करना उचित नहीं है। जहां वेरोनिका का दर्द परिस्थितियों से उपजा था, वहीं ऐली के कई फैसले कहानी में उसके संघर्ष और आलोचना दोनों का कारण बनते हैं। इसलिए दोनों किरदारों को उनके अलग संदर्भ और परिस्थितियों में ही देखा जाना चाहिए।

