देशभर में मानसून का कहर: यूपी-उत्तराखंड से गुजरात तक तबाही, चारधाम यात्रा प्रभावित; सैकड़ों सड़कें बंद

दिल्ली। देशभर में सक्रिय मानसून ( Monsoon) ने भारी तबाही मचा दी है। उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, गुजरात, दिल्ली, राजस्थान और महाराष्ट्र में लगातार हो रही बारिश से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है। कई राज्यों में भूस्खलन, जलभराव, मकान ढहने और बिजली गिरने जैसी घटनाओं में दर्जनों लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि सैकड़ों सड़कें बंद होने से यातायात और राहत कार्य प्रभावित हैं।
सबसे ज्यादा असर उत्तराखंड में देखने को मिल रहा है। पहाड़ी जिलों में भूस्खलन के चलते 107 संपर्क मार्ग बंद हो गए हैं, जिससे चारधाम यात्रा भी प्रभावित हुई है। मौसम विभाग ने कई जिलों में रेड अलर्ट जारी किया है। एहतियात के तौर पर देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल, चमोली, रुद्रप्रयाग समेत 10 जिलों में 12वीं तक के स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद कर दिए गए हैं।
बाढ़ से 75 सड़कें बंद
हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश और अचानक आई बाढ़ ( Monsoon) से 75 सड़कें बंद हैं। किन्नौर में बाढ़ का पानी 100 फीट लंबे लोहे के पुल को बहा ले गया, जिससे कई गांवों का संपर्क टूट गया। उत्तर प्रदेश में बारिश और आकाशीय बिजली से कम से कम 19 लोगों की मौत हुई है। बुलंदशहर, गाजियाबाद और पूर्वांचल के कई जिलों में हादसे सामने आए हैं।
लगातार बारिश से कई इलाकों में जलभराव और लंबा ट्रैफिक जाम
दिल्ली-एनसीआर में लगातार बारिश ( Monsoon) से कई इलाकों में जलभराव और लंबा ट्रैफिक जाम लगा रहा। वहीं गुजरात में बारिश से जुड़ी घटनाओं में 9 लोगों की मौत हुई है और करीब 3,900 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। राजस्थान में मकान ढहने की घटनाओं के बीच 6 ट्रेनें रद्द करनी पड़ीं।
महाराष्ट्र के रायगढ़ में बाढ़ के दौरान एचपीसीएल प्लांट से करीब 3 हजार गैस सिलेंडर नदी में बह गए, जबकि पुणे में इमारत ढहने के बाद राहत-बचाव अभियान जारी है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो-तीन दिनों में उत्तराखंड और पूर्वी भारत को छोड़कर अधिकांश हिस्सों में मानसून की रफ्तार कुछ धीमी पड़ सकती है, लेकिन संवेदनशील क्षेत्रों में सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।

