नक्सल खत्म होने के 100 दिन, कांग्रेस ने सरकार से पूछे सवाल
नक्सल मुक्त पंचायतों को 1 करोड़ देने की मांग

रायपुर। छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद समाप्त होने के सरकार के दावों के 100 दिन पूरे होने पर प्रदेश कांग्रेस(Congress) कमेटी ने भाजपा सरकार पर कई सवाल उठाए हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि यदि सरकार का दावा है कि बस्तर में नक्सलवाद खत्म हो चुका है, तो अब वहां के विकास के लिए घोषित विशेष कार्ययोजना को सार्वजनिक किया जाना चाहिए। साथ ही नक्सल मुक्त पंचायतों को एक-एक करोड़ रुपये देने के वादे को भी जल्द पूरा किया जाए।
दीपक बैज ने मांगा बस्तर विकास का ब्लूप्रिंट
शुक्रवार को जारी बयान में दीपक बैज ने कहा कि भाजपा की डबल इंजन सरकार ने बस्तर के विकास के लिए विशेष ब्लूप्रिंट तैयार करने की बात कई बार कही, लेकिन अब तक उसकी कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री दिल्ली दौरे के दौरान भी बस्तर के विकास की योजना का जिक्र करते रहे हैं, लेकिन प्रदेश की जनता आज भी उस कार्ययोजना का इंतजार कर रही है।
कांग्रेस(Congress) अध्यक्ष बैज ने कहा कि सरकार लगातार प्रदेश को नक्सल मुक्त होने की दिशा में बड़ी उपलब्धि बता रही है। ऐसे में सरकार को अपनी घोषणा के अनुसार बस्तर संभाग की उन पंचायतों को एक-एक करोड़ रुपये की राशि जारी करनी चाहिए, जिन्हें नक्सल मुक्त बताया गया है। उनका कहना है कि घोषणा के बाद भी यदि राशि जारी नहीं होती है, तो सरकार की मंशा पर सवाल उठना स्वाभाविक है।प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने दावा किया कि बस्तर में शांति स्थापना की नींव वर्ष 2018 से 2023 के बीच कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में रखी गई थी। उन्होंने कहा कि उस समय विश्वास, विकास और सुरक्षा की नीति पर काम किया गया, जिसका सकारात्मक परिणाम बाद के वर्षों में देखने को मिला। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा शासन के शुरुआती वर्षों में ही नक्सलवाद का दायरा बस्तर के सीमित इलाकों से बढ़कर कई जिलों तक पहुंचा था।
बस्तर के लिए विशेष आर्थिक पैकेज की उठाई मांग
कांग्रेस(Congress) अध्यक्ष दीपक बैज ने बस्तर के लिए विशेष आर्थिक पैकेज की मांग करते हुए कहा कि क्षेत्र के युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए अलग से भर्ती अभियान चलाया जाए। उन्होंने वनोपज आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने, स्थानीय संसाधनों का उपयोग कर रोजगार के अवसर बढ़ाने और बस्तर को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने की आवश्यकता बताई।
एनएमडीसी मुख्यालय बस्तर लाने की मांग
उन्होंने एनएमडीसी का मुख्यालय बस्तर में स्थापित करने की मांग भी दोहराई। बैज ने कहा कि जब लौह अयस्क का सबसे बड़ा उत्पादन बस्तर से होता है, तो कंपनी का मुख्यालय भी यहीं होना चाहिए। इससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और क्षेत्र के आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी।
नगरनार संयंत्र के निजीकरण पर सरकार से जवाब मांगा
कांग्रेस ने बस्तर की खनिज संपदा और नगरनार स्टील संयंत्र को लेकर भी सरकार से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। बैज ने कहा कि सरकार यह भरोसा दिलाए कि बस्तर के जंगल, पहाड़ और खनिज संसाधनों को निजी कंपनियों के हवाले नहीं किया जाएगा और नगरनार स्टील संयंत्र का निजीकरण नहीं होगा। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों की भावनाओं और हितों को ध्यान में रखकर ही भविष्य के फैसले लिए जाने चाहिए।
रेल संपर्क को लेकर भी कांग्रेस ने सरकार को घेरा। बैज ने कहा कि दल्लीराजहरा-जगदलपुर रेल परियोजना वर्षों से अधूरी पड़ी है। इस परियोजना को तेजी से पूरा किया जाना चाहिए ताकि बस्तर की कनेक्टिविटी मजबूत हो और क्षेत्र के विकास को नई रफ्तार मिल सके। उन्होंने कहा कि यदि सरकार वास्तव में बस्तर के विकास के प्रति गंभीर है, तो उसे घोषणाओं से आगे बढ़कर जमीन पर ठोस कदम उठाने होंगे।

