फ्री लैपटॉप और नौकरी का झांसा, BYJU’S के नाम पर युवती से 43 हजार रुपये की ठगी
बार-बार रकम मांगने पर हुआ ठगी का एहसास

रायपुर। राजधानी रायपुर के मोवा इलाके में ऑनलाइन नौकरी(Job) दिलाने के नाम पर साइबर ठगी का मामला सामने आया है। ठगों ने खुद को BYJU’S का प्रतिनिधि बताकर एक युवती को ट्यूटर की नौकरी का ऑफर दिया और फ्री लैपटॉप देने का झांसा देकर अलग-अलग किस्तों में 43 हजार रुपये से अधिक की रकम ऐंठ ली। जब बार-बार नए शुल्क के नाम पर पैसे मांगे जाने लगे, तब युवती को ठगी का एहसास हुआ। शिकायत मिलने के बाद पंडरी थाना पुलिस ने अज्ञात साइबर ठगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, मोवा निवासी जैनिशा भागवानी ने ऑनलाइन माध्यम से BYJU’S में ट्यूटर पद के लिए आवेदन किया था। आवेदन के कुछ समय बाद उनके पास एक व्यक्ति का फोन आया, जिसने खुद को कंपनी का प्रतिनिधि बताया। उसने कहा कि उनका चयन ट्यूटर के पद पर हो गया है और कंपनी पढ़ाने के लिए उन्हें एक लैपटॉप निशुल्क उपलब्ध कराएगी। हालांकि, लैपटॉप जारी करने और नियुक्ति प्रक्रिया पूरी करने के लिए पहले एक राशि जमा करनी होगी, जो बाद में वापस कर दी जाएगी।
हर बार नए बहाने से वसूले गए पैसे
नौकरी(Job) मिलने की उम्मीद में युवती ने आरोपी की बातों पर भरोसा कर पहली किस्त ऑनलाइन जमा कर दी। इसके कुछ ही मिनट बाद आरोपी ने बताया कि ट्रांजैक्शन सही तरीके से नहीं हुआ है, इसलिए दोबारा भुगतान करना होगा। युवती ने दूसरी बार भी रकम ट्रांसफर कर दी।
इसके बाद ठगों ने नया बहाना बनाते हुए कहा कि राशि वापस करने और लैपटॉप जारी करने के लिए एनओसी तैयार करनी होगी। इस प्रक्रिया के नाम पर भी युवती से पैसे जमा करा लिए गए। इसके बाद तकनीकी समस्या का हवाला देकर एक और भुगतान कराया गया। हर बार आरोपी यह भरोसा दिलाते रहे कि पूरी प्रक्रिया खत्म होने के बाद जमा की गई सारी राशि वापस कर दी जाएगी।
युवती ने पंडरी थाने में दर्ज कराई शिकायत
लगातार चार बार भुगतान करने के बाद भी आरोपियों ने एक बार फिर अतिरिक्त रकम जमा करने की मांग की। बार-बार नए कारण बताकर पैसे मांगने पर युवती को संदेह हुआ कि उसके साथ धोखाधड़ी की जा रही है। इसके बाद उसने आगे कोई भुगतान नहीं किया और पूरे मामले की शिकायत पंडरी थाना पुलिस से की।
जांच में सामने आया कि युवती से कुल 43 हजार रुपये से अधिक की रकम अलग-अलग ऑनलाइन ट्रांजैक्शन के जरिए ठगी गई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ साइबर धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है। साइबर सेल की मदद से उन मोबाइल नंबरों, बैंक खातों और डिजिटल ट्रांजैक्शन की जांच की जा रही है, जिनका इस्तेमाल ठगी के दौरान किया गया।
पुलिस ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील करते हुए कहा है कि किसी भी कंपनी में नौकरी(Job) के नाम पर यदि प्रोसेसिंग फीस, सिक्योरिटी डिपॉजिट, लैपटॉप शुल्क या किसी अन्य मद में पैसे मांगे जाएं तो पहले उसकी आधिकारिक वेबसाइट या कार्यालय से जानकारी की पुष्टि करें। बिना सत्यापन के किसी भी खाते में रकम ट्रांसफर न करें। पुलिस का कहना है कि अधिकांश प्रतिष्ठित कंपनियां नौकरी देने के लिए उम्मीदवारों से इस तरह की फीस नहीं लेतीं, इसलिए ऐसे कॉल और संदेशों से सतर्क रहना जरूरी है।

