ChhattisgarhRaipur

रामगोपाल अग्रवाल से EOW-ACB की पूछताछ जारी

तीन साल की गतिविधियों का रिकॉर्ड खंगाल रही जांच एजेंसी

रायपुर। करीब तीन साल तक सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आने के बाद अब प्रदेश कांग्रेस के कोषाध्यक्ष रामगोपाल(Ramgopal) अग्रवाल जांच एजेंसियों के सवालों के घेरे में हैं। आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) सिर्फ दर्ज मामलों की जांच तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि इस दौरान उनकी गतिविधियां क्या रहीं, वे किन स्थानों पर रहे और उनके संपर्क किन-किन लोगों से जुड़े थे। एजेंसी का मानना है कि इन तथ्यों से कई मामलों की जांच को नई दिशा मिल सकती है।

शराब समेत चार मामलों में पूछे जा रहे अलग-अलग सवाल

सूत्रों के अनुसार, जांच का दायरा शराब घोटाला, कोयला घोटाला, कस्टम मिलिंग और जिला खनिज न्यास (DMF) से जुड़े मामलों तक फैला हुआ है। हर मामले के लिए अलग-अलग अधिकारी दस्तावेजों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर सवाल तैयार कर रहे हैं। पूछताछ का उद्देश्य घटनाक्रम की पूरी कड़ी को समझना और विभिन्न मामलों के बीच संभावित संबंधों की पुष्टि करना है।

फरारी के दौरान ठिकानों की हो रही पड़ताल

जांच एजेंसी का सबसे बड़ा फोकस उन वर्षों पर है, जब रामगोपाल(Ramgopal) अग्रवाल जांच के दौरान एजेंसियों की पहुंच से बाहर बताए जा रहे थे। अधिकारी यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि इस अवधि में उनका ठिकाना क्या था, वे किन लोगों के संपर्क में रहे और उनकी आवाजाही किन स्थानों तक रही। इसी क्रम में यात्रा से जुड़े रिकॉर्ड और अन्य उपलब्ध जानकारियों का भी मिलान किया जा रहा है।

बेटे के बयान की भी जांच में हो रही पुष्टि

इस बीच पूछताछ के दौरान उनके बेटे वैभव अग्रवाल ने एजेंसी के सामने यह दावा किया है कि उनके पिता ने राज्य नहीं छोड़ा था। उनके अनुसार, रामगोपाल(Ramgopal) अग्रवाल अधिकतर समय धमतरी में ही रहे। हालांकि, जांच अधिकारी इस दावे को उपलब्ध दस्तावेजों और तकनीकी रिकॉर्ड के आधार पर परख रहे हैं। एजेंसी का कहना है कि केवल बयान के आधार पर किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा जा सकता।

विदेश यात्रा और दुबई कनेक्शन की जांच तेज

सूत्रों के मुताबिक, जांच एजेंसियों को पहले ऐसे इनपुट भी मिले थे कि फरारी के दौरान रामगोपाल(Ramgopal) अग्रवाल विदेश में हो सकते हैं। विशेष रूप से दुबई से जुड़े कुछ संकेत भी एजेंसी के संज्ञान में आए थे। यही वजह है कि अब उनके संभावित विदेश प्रवास, यात्रा रिकॉर्ड और संबंधित दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है। यदि जांच में ऐसे किसी सफर के प्रमाण मिलते हैं तो उन्हें भी केस डायरी का हिस्सा बनाया जाएगा।

7 जुलाई को EOW-ACB के सामने हुए थे पेश

जानकारी के अनुसार, 7 जुलाई को रामगोपाल अग्रवाल स्वयं EOW-ACB कार्यालय पहुंचे थे। इसके बाद एजेंसी ने कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए उन्हें विशेष अदालत में पेश किया। अदालत ने उन्हें 17 जुलाई तक रिमांड पर भेज दिया, ताकि लंबित मामलों में विस्तार से पूछताछ की जा सके। रिमांड अवधि के दौरान एजेंसी अलग-अलग मामलों में उनसे क्रमवार सवाल कर रही है। अदालत के निर्देशानुसार पूछताछ के समय उनके अधिवक्ता की मौजूदगी की भी अनुमति दी गई है।

पूछताछ के बाद आगे की कार्रवाई पर रहेगा फैसला

फिलहाल जांच एजेंसियां किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी दावों, दस्तावेजों और तकनीकी साक्ष्यों का मिलान कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ अभी जारी है और जांच पूरी होने के बाद ही तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी। ऐसे में आने वाले दिनों में इस पूरे मामले में कुछ नए तथ्य सामने आने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

Follow Us on Our Social Media

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button