राम मंदिर चढ़ावा विवाद: कांग्रेस का भाजपा पर हमला, कमलेश्वर पटेल ने लगाए गंभीर आरोप

रायपुर। अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे में कथित गड़बड़ी के मुद्दे पर कांग्रेस ने भाजपा पर तीखा हमला बोला है। रायपुर के राजीव भवन में आयोजित प्रेस वार्ता में मध्यप्रदेश के पूर्व मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कमलेश्वर पटेल ने कहा कि भगवान राम किसी राजनीतिक दल की संपत्ति नहीं हैं। वे हर कण में विराजमान हैं और किसी एक मंदिर तक सीमित नहीं हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने भगवान राम के नाम पर चंदा जुटाया और उसका दुरुपयोग किया। उन्होंने कहा कि “भगवान राम को राजनीति का माध्यम बनाया गया और उनके नाम पर लोगों की आस्था के साथ खिलवाड़ हुआ।”
देशभर में चलाएगी अभियान
कमलेश्वर पटेल ने बताया कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) राम मंदिर चढ़ावा विवाद को लेकर देश के 50 शहरों में प्रेस वार्ताएं कर रही है। इसी अभियान के तहत रायपुर में भी पत्रकार वार्ता आयोजित की गई। उन्होंने कहा कि कांग्रेस गांव-गांव जाकर नुक्कड़ सभाओं के माध्यम से लोगों को इस मुद्दे की जानकारी देगी।
भाजपा और आरएसएस पर लगाए आरोप
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि भाजपा ने भगवान राम का राजनीतिक लाभ उठाया और चुनावी फायदा हासिल किया। उन्होंने कहा कि यदि भाजपा वास्तव में भगवान राम के आदर्शों का पालन करती, तो मंदिर में कथित अनियमितताओं जैसी स्थिति नहीं बनती। उन्होंने इस मामले में भाजपा और आरएसएस की भूमिका पर भी सवाल उठाए।
प्राण प्रतिष्ठा और ट्रस्ट पर भी उठाए सवाल
कमलेश्वर पटेल ने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा में बड़ी संख्या में भाजपा नेताओं की मौजूदगी रही, जबकि कई धर्माचार्यों ने उस समय प्रक्रिया पर आपत्ति जताई थी। उन्होंने यह भी कहा कि राम मंदिर निर्माण का श्रेय भाजपा ने लिया था, इसलिए यदि किसी तरह की अनियमितता हुई है तो उसकी जिम्मेदारी भी भाजपा को लेनी चाहिए।
एसआईटी जांच का किया जिक्र
उन्होंने दावा किया कि एसआईटी की जांच में फर्जी रसीदों और लेखा-जोखा से जुड़े कई सवाल सामने आए हैं। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि धार्मिक स्थलों पर चढ़ावे के मामलों में पारदर्शिता नहीं बरती गई और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई।
भाजपा से पूछे तीन सवाल
प्रेस वार्ता के दौरान कमलेश्वर पटेल ने भाजपा से तीन सवाल पूछे-
- यदि राम मंदिर ट्रस्ट के गठन में भाजपा की भूमिका रही, तो कथित अनियमितताओं की जिम्मेदारी कौन लेगा?
- यदि सभी कार्य पूरी पारदर्शिता और नियमों के अनुसार हुए, तो चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे क्यों हुए?
- यदि सब कुछ सही है, तो सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में स्वतंत्र जांच कराने से डर क्यों है?
नोट: ये सभी आरोप कांग्रेस नेता कमलेश्वर पटेल द्वारा लगाए गए हैं। इन आरोपों पर संबंधित पक्ष का जवाब या आधिकारिक जांच का अंतिम निष्कर्ष सामने आना अभी बाकी है।

