रायपुर सामूहिक आत्महत्या मामले में 8 सदस्यीय एसआईटी गठित
20 लाख के कर्ज की जानकारी, आर्थिक पहलू की पड़ताल तेज

रायपुर। राजधानी के टिकरापारा इलाके में एक ही परिवार के पांच सदस्यों की मौत के मामले(Cases) ने पूरे शहर को झकझोर दिया है। बैटरी कारोबारी सैय्यद शाहिद उर्फ सज्जू, उनकी पत्नी और तीन बच्चों की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद अब पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए आठ सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है। शुरुआती जांच में आर्थिक दबाव और कर्ज जैसी बातें सामने आई हैं, लेकिन पुलिस का कहना है कि फिलहाल किसी एक कारण को अंतिम वजह मानना जल्दबाजी होगी। जांच टीम अब घटना से पहले परिवार की गतिविधियों, आर्थिक लेन-देन और अन्य परिस्थितियों को जोड़कर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां तलाश रही है।
एसआईटी को सौंपी गई पूरी जांच, हर पहलू की होगी पड़ताल
पुलिस अधिकारियों के अनुसार गठित एसआईटी का नेतृत्व एसीपी स्तर के अधिकारी करेंगे। टीम में थाना प्रभारी सहित महिला अधिकारी और अन्य पुलिसकर्मी शामिल किए गए हैं। जांच दल को परिवार की आर्थिक स्थिति, बैंक और निजी लेन-देन, मोबाइल कॉल रिकॉर्ड, डिजिटल गतिविधियों तथा हाल के दिनों में परिवार के संपर्क में रहे लोगों से पूछताछ की जिम्मेदारी दी गई है। पुलिस यह भी जानने की कोशिश कर रही है कि घटना से पहले ऐसा क्या हुआ, जिसने पूरे परिवार को इतना बड़ा कदम उठाने पर मजबूर कर दिया।
कर्ज की जानकारी मिली, लेकिन कई सवाल अब भी अनसुलझे
प्रारंभिक जांच में यह जानकारी सामने आई है कि मामले(Cases) में मृतक पर करीब 20 लाख रुपये की देनदारी थी। इसमें बैंक ऋण के साथ निजी उधारी भी शामिल बताई जा रही है। हालांकि जांच के दौरान कुछ ऐसे तथ्य भी सामने आए हैं, जिन्होंने पुलिस की उत्सुकता बढ़ा दी है। जानकारी के मुताबिक घटना से कुछ दिन पहले ही परिवार के लिए एक महीने का राशन खरीदा गया था। इससे यह सवाल उठ रहा है कि यदि भविष्य की तैयारी की जा रही थी, तो फिर अचानक ऐसा क्या हुआ कि पूरा परिवार इस त्रासदी का शिकार हो गया। पुलिस इस पहलू को भी गंभीरता से जांच रही है।
फोरेंसिक रिपोर्ट और डिजिटल साक्ष्य से मिलेगी अहम कड़ी
घटनास्थल से जब्त खाद्य सामग्री और अन्य वस्तुओं को वैज्ञानिक जांच के लिए भेजा गया है। पुलिस पोस्टमार्टम और फोरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार कर रही है, ताकि मौत की परिस्थितियों को लेकर स्पष्ट तस्वीर सामने आ सके। इसके साथ ही मृतकों के मोबाइल फोन की जांच भी की जा रही है। पिछले कुछ दिनों में हुई बातचीत, कॉल रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल गतिविधियों का विश्लेषण किया जा रहा है। दूसरी ओर, परिजनों और पड़ोसियों के बयान भी जांच का हिस्सा हैं। पड़ोसियों का कहना है कि परिवार सामान्य और सादगीपूर्ण जीवन जीता था तथा किसी तरह के विवाद की जानकारी उन्हें नहीं थी। पत्नी के मायके पक्ष ने भी आर्थिक संकट की जानकारी से अनभिज्ञता जताई है।
पुलिस का कहना है कि फिलहाल जांच कई बिंदुओं पर एक साथ आगे बढ़ रही है। सभी साक्ष्यों, फोरेंसिक रिपोर्ट और बयानों का मिलान करने के बाद ही किसी ठोस निष्कर्ष पर पहुंचा जाएगा। अधिकारियों का मानना है कि जांच पूरी होने के बाद ही इस दर्दनाक मामले(Cases) की असली वजह सामने आ सकेगी।

