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RTE पर हाईकोर्ट सख्त! 85 हजार से घटकर 30 हजार हुईं सीटें

पूछा- अगस्त में एडमिशन होगा तो पढ़ाई कब होगी?

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में शिक्षा का अधिकार (RTE) के तहत निजी स्कूलों में प्रवेश को लेकर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से तीखे सवाल पूछे हैं। कोर्ट ने कहा कि जब नया शैक्षणिक सत्र अप्रैल से शुरू हो चुका है, तो अगर बच्चों का एडमिशन अगस्त तक होगा, तो वे पढ़ाई कब शुरू करेंगे और उनका कोर्स कैसे पूरा होगा? कोर्ट ने यह भी पूछा कि क्या सरकार ऐसे बच्चों के लिए कोई विशेष व्यवस्था करने जा रही है?

सरकार ने बताया- दूसरी लॉटरी पूरी, 1174 बच्चों का चयन

सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने हाईकोर्ट में शपथपत्र दाखिल कर बताया कि 6 जुलाई को RTE के तहत बची हुई सीटों के लिए दूसरी लॉटरी निकाली गई थी। प्रदेशभर में 9,984 सीटों के लिए 12,934 आवेदन मिले, जिनमें से 1,174 बच्चों का चयन हुआ। इनका प्रवेश 8 से 17 जुलाई के बीच कराया गया। सरकार ने कहा कि बची हुई सीटों को भरने के लिए अभिभावकों की मदद और व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा।

अगस्त तक चलेगी प्रवेश प्रक्रिया

राज्य सरकार ने कोर्ट को बताया कि RTE के तहत प्रवेश प्रक्रिया अगस्त तक जारी रहेगी। इस पर हाईकोर्ट ने सवाल उठाते हुए कहा कि जब स्कूलों में पढ़ाई चार महीने पहले शुरू हो चुकी है, तो देर से दाखिला लेने वाले बच्चे पढ़ाई में पिछड़ जाएंगे। कोर्ट ने सरकार से पूछा कि ऐसे बच्चों की पढ़ाई पूरी कराने के लिए क्या कोई अलग योजना बनाई गई है?

339 करोड़ की प्रतिपूर्ति राशि जारी

सरकार ने यह भी बताया कि निजी स्कूलों को RTE के तहत प्रवेश देने के बदले 339 करोड़ 73 लाख रुपये की प्रतिपूर्ति राशि स्वीकृत कर दी गई है। यह राशि वर्ष 2024-25 और 2025-26 के लिए जारी की गई है। वहीं निजी स्कूलों की प्रतिपूर्ति राशि बढ़ाने की मांग को सरकार पहले ही खारिज कर चुकी है।

85 हजार से घटकर रह गईं 30 हजार सीटें

सुनवाई के दौरान सबसे बड़ा मुद्दा RTE सीटों में आई भारी कमी का भी रहा। याचिकाकर्ता की ओर से कोर्ट को बताया गया कि पहले प्रदेश में 85 हजार से ज्यादा RTE सीटें थीं, जो पहले 55 हजार और अब घटकर करीब 30 हजार रह गई हैं। इसके कारण बड़ी संख्या में गरीब और जरूरतमंद बच्चे निजी स्कूलों में दाखिले से वंचित हो रहे हैं।

सरकार ने अपने शपथपत्र में बताया कि 16 दिसंबर 2025 के फैसले के बाद अब RTE का लाभ केवल कक्षा पहली में प्रवेश लेने वाले बच्चों को ही दिया जा रहा है, जिसकी वजह से सीटों की संख्या कम हुई है।

गरीब बच्चों की पढ़ाई पर उठे बड़े सवाल

हाईकोर्ट ने साफ संकेत दिया है कि केवल प्रवेश प्रक्रिया चलाना ही काफी नहीं है, बल्कि यह भी सुनिश्चित करना जरूरी है कि गरीब बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो। अब इस मामले में सबकी नजर अगली सुनवाई और सरकार के जवाब पर टिकी है, क्योंकि सवाल सिर्फ सीटों का नहीं, बल्कि हजारों बच्चों के भविष्य का है।

 

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Shruti Jangde

With over 6 years of experience in the media industry, I specialize in news anchoring, copywriting, and digital journalism. I cover a wide range of news, delivering accurate, unbiased, and fact-based reporting. Passionate about bringing the truth to the public, I am committed to ethical journalism and credible storytelling. My goal is to inform, inspire, and make a meaningful impact through responsible reporting.

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