पेपर लीक पर बढ़ते बवाल के आगे झुकी सरकार, धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा

सोशल मीडिया पर अपने लंबे पोस्ट पर धर्मेंद्र प्रधान ने कहा, “पहले ही दिन से मैंने इस पर जिम्मेदारी ली. इस परिस्थिति से कभी मुंह नहीं मोड़ा. मेरा यह संकल्प रहा कि हम किसी भी मेधावी छात्र की संभावना परीक्षा माफिया के कारण खराब नहीं होने देंगे. हम किसी भी छात्र के साथ अन्याय नहीं होंगे.”पेपर लीक मामले और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को देखते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है.

अपने इस्तीफे में उन्होंने कहा कि NEET पेपर लीक की जिम्मेदारी मैंने पहले दिन ही ले ली थी. इससे पहले CJP की अगुवाई में छात्र उनके इस्तीफे की मांग को लेकर एक महीने से भी अधिक समय से प्रदर्शन कर रहे थे. सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने 26 दिनों तक भूख हड़ताल की थी.सोशल मीडिया पर अपने लंबे पोस्ट पर धर्मेंद्र प्रधान ने कहा, “पहले ही दिन से मैंने इस पर जिम्मेदारी ली. इस परिस्थिति से कभी मुंह नहीं मोड़ा. मेरा यह संकल्प रहा कि हम किसी भी मेधावी छात्र की संभावना परीक्षा माफिया के कारण खराब नहीं होने देंगे. हम किसी भी छात्र के साथ अन्याय नहीं होंगे.”इस्तीफे के पीछे की वजह बताते हुए प्रधान ने कहा, “जंतर-मंतर पर और देश में जो भ्रम की स्थिति बनी है, इस स्थिति का राष्ट्र विरोधी ताकतें लाभ न उठाएं. देश की एकता बनी रहे. देश के किसी भी छात्र का भविष्य कानूनी पेचीदगियों में न उलझे. बच्चे मन लगाकर पढ़ाई करें. करियर पर फोकस करें. इन्हीं सब बातों पर विचार करते हुए मैंने अपना त्यागपत्र पीएम नरेंद्र मोदी को भेज दिया है.”अपने इस्तीफे के अंत में प्रधान ने कहा, “मैं प्रभु जगन्नाथ जी के आशीर्वाद से भविष्य में भारत माता, ओडिशा की जनता और देश के युवाओं की आकांक्षाओं की पूर्ति के लिए हर संभव रूप मैं खुद को समर्पित करूंगा.”
झुकती है दुनिया झुकाने वाला चाहिएः दिपके
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर जंतर-मंतर पर जश्न का माहौल है. कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक प्रमुख अभिजीत दिपके ने जश्न मनाते हुए कहा, “ये कहते थे इस सरकार में इस्तीफे नहीं होते, मैं कहता हूं झुकती है दुनिया झुकाने वाला चाहिए.”

