कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: भारत की बेटियों का स्वर्णिम प्रदर्शन, 8 महिला खिलाड़ियों ने जीते गोल्ड मेडल

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय महिला खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए देश का गौरव बढ़ाया है। भारत के कुल 13 स्वर्ण पदकों में से 8 गोल्ड मेडल महिला खिलाड़ियों ने अपने नाम किए। वेटलिफ्टिंग, पैरा एथलेटिक्स, जूडो और बॉक्सिंग जैसे खेलों में भारतीय बेटियों ने दमदार प्रदर्शन कर इतिहास रच दिया।
मीराबाई चानू ने दिलाया पहला स्वर्ण
भारत के लिए कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का पहला स्वर्ण पदक स्टार वेटलिफ्टर मीराबाई चानू ने जीता। उन्होंने महिलाओं के 48 किलोग्राम भार वर्ग में कॉमनवेल्थ गेम्स रिकॉर्ड बनाते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इसके बाद पैरा एथलेटिक्स में शर्मिला धनखड़ ने महिलाओं के शॉट पुट F57 स्पर्धा में गोल्ड जीतकर भारत की झोली में दूसरा स्वर्ण डाला। वहीं जूडो खिलाड़ी अस्मिता डे ने महिलाओं के 48 किलोग्राम वर्ग में जीत दर्ज कर कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में भारत को जूडो का पहला स्वर्ण पदक दिलाया।
बॉक्सिंग में भारतीय बेटियों का दबदबा
इस बार बॉक्सिंग भारत के लिए सबसे सफल खेल साबित हुआ। भारतीय महिला मुक्केबाजों ने पांच स्वर्ण पदक जीतकर अपना दबदबा कायम किया। साक्षी चौधरी ने 51 किलोग्राम वर्ग, अरुंधती चौधरी ने 70 किलोग्राम वर्ग, प्रीति पवार ने 54 किलोग्राम वर्ग, जैस्मीन लम्बोरिया ने 57 किलोग्राम वर्ग और प्रिया घंघास ने 60 किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर देश का मान बढ़ाया।
महिला खिलाड़ियों ने बढ़ाई भारत की शान
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय महिला खिलाड़ियों के इस प्रदर्शन ने देश के खेल इतिहास में एक नई उपलब्धि जोड़ दी है। अलग-अलग खेलों में स्वर्ण पदक जीतकर इन खिलाड़ियों ने न केवल तिरंगा ऊंचा लहराया, बल्कि आने वाली पीढ़ी की महिला खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणा का उदाहरण प्रस्तुत किया। भारत की इन बेटियों के शानदार प्रदर्शन से अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश की खेल शक्ति को नई पहचान मिली है।

