लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे की मरम्मत पर सियासत तेज, अखिलेश यादव ने सरकार पर साधा निशाना

लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे की मरम्मत के दौरान पंखे से निर्माण सामग्री सुखाने की तस्वीरें सामने आने के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस मुद्दे को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला और हाल ही में शुरू हुए एक्सप्रेसवे की गुणवत्ता पर सवाल उठाए।
मरम्मत के तरीके पर उठाए सवाल
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा करते हुए कहा कि जिस एक्सप्रेसवे का उद्घाटन कुछ ही सप्ताह पहले हुआ हो, उसे इतनी जल्द मरम्मत की जरूरत पड़ना गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने मरम्मत के दौरान पंखे के इस्तेमाल पर तंज कसते हुए इसे “तरक्की की नई हवा” बताया। साथ ही कहा कि यदि 2-3 सप्ताह में ही सड़क की स्थिति बिगड़ने लगे तो उस पर यात्रा करना जोखिम भरा हो सकता है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में बने कई निर्माण कार्य अपेक्षित गुणवत्ता के अनुरूप नहीं हैं और उनका टिकाऊपन सवालों के घेरे में है।
4700 करोड़ की लागत से बना है एक्सप्रेसवे
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का निर्माण लगभग 4700 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है। करीब 63 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने से लखनऊ और कानपुर के बीच यात्रा का समय पहले के 2 से 3 घंटे की तुलना में घटकर लगभग 35 से 45 मिनट रह गया है।
इस एक्सप्रेसवे पर कारों के लिए अधिकतम गति सीमा 120 किलोमीटर प्रति घंटा निर्धारित की गई है, जबकि भारी वाहनों के लिए 80 से 100 किलोमीटर प्रति घंटा की सीमा तय की गई है। एक्सप्रेसवे का एक हिस्सा एलिवेटेड भी है। मरम्मत की तस्वीरें सामने आने के बाद निर्माण गुणवत्ता और रखरखाव को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है।

