कांग्रेस अधिवेशन में राहुल गांधी का केंद्र पर हमला, बोले- छात्रों की आवाज दबाई जा रही, सरकार लोगों की बात नहीं सुनती

नई दिल्ली। कांग्रेस के राष्ट्रीय अधिवेशन को संबोधित करते हुए लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन, न्याय के मुद्दे और सरकार की नीतियों को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए। राहुल गांधी ने कहा कि सरकार लोगों की आवाज सुनना नहीं चाहती और अपनी बात रखने वालों को दबाने की कोशिश कर रही है।
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‘छात्र अपनी आवाज उठाना चाहते थे, लेकिन सरकार ने रोक दिया’
राहुल गांधी ने जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन का मुद्दा उठाते हुए कहा कि छात्र अपनी आवाज सरकार तक पहुंचाना चाहते थे, लेकिन उन्हें ऐसा करने से रोक दिया गया। उन्होंने उत्तराखंड की एक बलात्कार पीड़िता के परिवार से मुलाकात का भी जिक्र किया और दावा किया कि परिवार को अब तक न्याय नहीं मिला है।
राहुल गांधी ने कहा कि सरकार आम लोगों की बात सुनने को तैयार नहीं है। उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से कहा कि उन्हें डरने की जरूरत नहीं है और जो दिल में है, उसे खुलकर कहना चाहिए।
पीएम मोदी और अमित शाह पर भी साधा निशाना
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री कई कारणों से रात में नहीं सोते हैं और इनमें कई बातें छिपी हुई हैं।
अमित शाह पर निशाना साधते हुए राहुल गांधी ने उन्हें ‘सो कॉल्ड चाणक्य’ और सरदार पटेल का नाम लेने वाला बताते हुए कहा कि वे संसद में नहीं आ पाए। राहुल ने दावा किया कि इसकी वजह यह है कि पहली बार उन्हें भारत की वास्तविक आवाज सुनाई दे रही है।
‘डरने की बात क्या है?’
राहुल गांधी ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से कहा कि अगर वे आदेश देने वालों से डर जाएंगे तो अपनी बात नहीं रख पाएंगे। उन्होंने कहा कि देश में कई लोग डर के कारण कायरों जैसा व्यवहार कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि जब सामने ‘जोकरों का समूह’ हो तो डरने की जरूरत नहीं है। राहुल ने कार्यकर्ताओं से बिना डर अपनी बात रखने और जनता की आवाज बनने का आह्वान किया।
RSS पर भी राहुल गांधी का हमला
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर निशाना साधते हुए राहुल गांधी ने कहा कि संघ के लोगों को भारत की वास्तविक समझ नहीं है। उन्होंने कहा कि भारत को केवल हजारों साल पुराने संदर्भ से नहीं, बल्कि आज के भारत को समझने की जरूरत है।
राहुल गांधी ने RSS के पुराने स्वरूप और मौजूदा स्थिति की तुलना करते हुए आरोप लगाया कि संघ को बड़े कॉरपोरेट और पूंजी का समर्थन मिल रहा है। उन्होंने नोटबंदी और जीएसटी को लेकर भी RSS पर निशाना साधा।
‘पीएम प्रेस कॉन्फ्रेंस क्यों नहीं करते?’
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं करने को लेकर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि पहले उन्हें लगता था कि यह प्रधानमंत्री की मार्केटिंग रणनीति है, लेकिन उनके साथ कुछ समय बिताने के बाद उन्हें अलग वजह समझ में आई।
उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से कहा कि वे अपने विचार खुलकर रखें। राहुल ने कहा कि अगर कोई हिंदू है तो वह शिव के बारे में बात करे और मुस्लिम है तो अल्लाह के बारे में बात करे। उन्होंने कहा कि किसी की बात गलत होने पर उसे समझाया जा सकता है, लेकिन लोगों को अपनी बात रखने से डरना नहीं चाहिए।
ईरान-अमेरिका तनाव और चीन का भी किया जिक्र
राहुल गांधी ने ईरान-अमेरिका संघर्ष का जिक्र करते हुए कहा कि भारत के दोनों देशों के साथ अच्छे संबंध हैं, लेकिन इसके बावजूद पाकिस्तान मध्यस्थ की भूमिका में आ गया और प्रधानमंत्री देखते रह गए।
उन्होंने चीन का मुद्दा भी उठाया। राहुल गांधी ने दावा किया कि उन्हें प्रधानमंत्री कार्यालय से जानकारी मिलती है कि अरुणाचल प्रदेश में चीन ने भारतीय सेना को अपनी जमीन पर पेट्रोलिंग करने से रोका है। उन्होंने इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और गृह मंत्री अमित शाह पर भी सवाल उठाए।



